45 पेड़े नमूनों की जांच, 3 में गड़बड़ी, 42.5 किलो संदिग्ध पेड़ा नष्ट
देवघर में राजकीय श्रावणी मेला के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री देने के लिए व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। 45 पेड़े नमूनों में से 42 सही पाए गए जबकि 3 संदिग्ध निकले। अव्यवस्थित प्रतिष्ठानों पर अर्थदंड लगाया गया और कड़े निर्देश दिए गए।

देवघर। राजकीय श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को मेला क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। टीम ने कुल 45 पेड़े नमूनों की जांच की, जिनमें 42 सही पाए गए, जबकि 3 नमूने मानक के अनुरूप नहीं मिले। जांच के क्रम में कुल 42.5 किलोग्राम संदिग्ध पेड़ा मौके पर ही नष्ट कराया गया।
निरीक्षण की प्रक्रिया
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने विभिन्न पेड़ा प्रतिष्ठानों, होटलों और भोजनालयों की सघन जांच की। निरीक्षण के दौरान मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच भी की गई। टीम ने गंगा साह पेड़ा भंडार, गणेश पेड़ा भंडार, बैद्यनाथ पेड़ा भंडार, अन्नपूर्णा पेड़ा भंडार, महावीर पेड़ा भंडार, श्री गंगा साह पेड़ा भंडार, बाबा पेड़ा भंडार, मां अन्नपूर्णा भोजनालय, अजय भोजनालय तथा शिव होटल एंड रेस्टोरेंट सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
दंड और निर्देश
निरीक्षण के दौरान स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर गंगा साह पेड़ा भंडार, श्री गंगा साह पेड़ा भंडार तथा शिव होटल एंड रेस्टोरेंट पर दो-दो हजार रुपए का ऑन-द-स्पॉट अर्थदंड लगाया गया। खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का कड़ाई से पालन करने तथा केवल सुरक्षित और मानक अनुरूप खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय का निर्देश दिया गया। पेड़ा विक्रेताओं को विशेष रूप से निर्देशित किया कि खोआ, पेड़ा और पनीर की प्रत्येक खेप की आयोडीन टिंक्चर से नियमित जांच करें। स्टार्च या अन्य मिलावट की आशंका होने पर ऐसे उत्पादों का विक्रय तत्काल रोकने कहा गया है। साथ ही मानक गुणवत्ता वाले कच्चे माल के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया में स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया गया। चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रतिष्ठान में मिलावट, असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जांच अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार शर्मा, प्रकाश चंद्र गुग्गी, शैलेश कुमार यादव, संजय कुमार, अंजली विना मिंज सहित अन्य अधिकारी, सहायक कर्मी और पुलिस बल शामिल रहे।


