फाइलों में अटका नोएडा-गाजियाबाद को जोड़ने वाला एफएनजी एक्सप्रेसवे
फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) एक्सप्रेसवे परियोजना का निर्माण कार्य एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद शुरू नहीं हो पाया है, क्योंकि परियोजना के लिए बजट मंजूर नहीं हुआ है। फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना पर लगभग 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

फरीदाबाद, केशव भारद्वाज। फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) एक्सप्रेसवे परियोजना फाइलों से निकलकर धरातल पर नहीं आ पा रही है। एक वर्ष से ज्यादा का समय बीतने के बावजूद परियोजना के लिए बजट मंजूरनहीं हो सका है। मंजूरी नहीं मिलने के कारण एनसीआर की इस बहुप्रतीक्षित परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस परियोजना पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एफएनजी एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में शामिल माना जाता है। इसके निर्माण से फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा। साथ ही दिल्ली के रास्ते गुजरने वाले वाहनों की संख्या में भी कमी आएगी, जिससे राजधानी पर ट्रैफिक का दबाव घटने की उम्मीद है। औद्योगिक, व्यावसायिक और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी इस परियोजना से बड़ा लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, परियोजना पर लगभग 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस संबंध में कई दौर की उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं और तकनीकी पहलुओं पर भी चर्चा की जा चुकी है, लेकिन अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति अब तक नहीं मिल सकी है। मुख्यमंत्री और संबंधित कैबिनेट मंत्री भी विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
परियोजना का प्रारम्भ
प्रस्तावित योजना के अनुसार एफएनजी एक्सप्रेसवे की शुरुआत फरीदाबाद के सेक्टर-88 से होगी। इसके बाद मार्ग लालपुर गांव तक पहुंचेगा, जहां यमुना नदी पर करीब 600 मीटर से अधिक लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसी पुल के माध्यम से फरीदाबाद और नोएडा के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
समस्या और समाधान
फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान राज भाटिया कहते हैं कि एक्सप्रेसवे के अभाव में लोगों को नोएडा और गाजियाबाद जाने के लिए आज भी दिल्ली होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इससे न केवल समय और ईंधन की बर्बादी होती है, बल्कि दिल्ली-एनसीआर की प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। बेहतर सड़क संपर्क मिलने से निवेश, व्यापार और माल ढुलाई को नई गति मिलेगी। ग्रेटर फरीदाबाद निवासी डॉ. राजेश छात्रा कहते हैं कि यदि परियोजना को जल्द मंजूरी नहीं मिली तो निर्माण लागत में और वृद्धि हो सकती है, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। ऐसे में लंबे समय से लंबित इस परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू करना समय की जरूरत है।


