खुरपका बीमारी से बचाव के लिए 22 से चलेगा अभियान
गाजीपुर में खुरपका-मुहपका (एफएमडी) रोग से बचाव का टीकाकरण अभियान 22 जुलाई से शुरू होगा और 45 दिन तक चलेगा। 266143 महिषवंशीय पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। गर्भित पशुओं को अभियान से बाहर रखा गया है। कार्यक्रम की सफलता के लिए 48 टीमें बनायी गई हैं और डॉ. आनन्द प्रकाश यादव नोडल रहेंगे।

गाजीपुर, कार्यालय संवाददाता। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अरविन्द कुमार शाही ने बताया कि जिले में खुरपका-मुहपका (एफएमडी) रोग से बचाव के लिए 22 जुलाई से अभियान चलेगा। यह अभियान 45 दिन आठ सितम्बर तक चलेगा। पशु रोग नियत्रंण कार्यक्रम के तहत 266143 और 385861 महिशवंशीय पशुओं को निःशुल्क टीकाकरण कराया जायेगा। चार माह से कम उम्र और आठ माह से अधिक गर्भित पशुओं को टीका करण अभियान से बाहर रखा गया है। इसके लिए जिले में 48 टीमें गठित की गयी है। रोस्टर के अनुसार गांव-गांव पहुंचकर टीम टीकाकरण करेंगी। टीकाकरण के लिए ब्लाक स्तर पर प्रभारी अधिकारी नामित किये गये हैं।
पशुपालक किसी भी सुविधा के लिए स्थानीय पशु चिकित्सालय से सम्पर्क कर सकते हैं। जनपद स्तर पर कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए डॉ. आनन्द प्रकाश यादव नोडल रहेंगे। उनका मोबाइल नंबर 9453752577 है।उन्होंने बताया कि खुरपका-मुहपका एक विषाणुजनित संकामक रोग है जिसके संक्रमण में आ जाने के उपरान्त पशु को तेज बुखार आता है। मुंह से लार गिरती है, मुह एवं पैरों में छाले पड़ जाते है। पशु चारा खाना छोड़ देते है। दुग्ध उत्पादन घट जाता है। गर्भित पशु बच्चा गिरा देती है और अगर सही समय पर उपयुक्त इलाज नहीं किया गया तो पशु की मौत भी हो जाती है। इस रोग से विदेशी नस्ल की गाय ज्यादा प्रभावित होती है। इस रोग से बचाव के लिए टीकाकरण ही एक मात्र समाधान है। इस कार्यक्रम को टीकाकरण से पूर्व पशुओं के कान में टैग लगवाना अनिवार्य है। टीकाकरण उपरान्त टीम द्वारा पशुओं में किये गये टीकाकरण को भारत पशुधन एप पर अपलोड किया जाना है।


