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लोकसभा में जेटली का कांग्रेस पर हमला, बोले- गरीबों को 10% कोटा था आपका जुमला, 9 बातें

Finance Minister Arun Jaitley in Lok Sabha durning 10 percent quota for weaker Section of society.PT

1 / 2Finance Minister Arun Jaitley in Lok Sabha durning 10 percent quota for weaker Section of society.PTI File Photo

FM Arun Jaitley in Lok Sabha

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सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सरकारी नौकरियों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण (Reservation) देने वाला संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा (Loksabha) में पेश किया गया। इस बिल पर बहस की शुरुआत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने की। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण की जरूरत और पीएम मोदी ने सबका साथ सबका विकास किया। उन्होंने कहा कि सिख, पटेल, जाट, मुस्लिम और ईसाई समेत हर धर्म के सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण का फायदा मिलेगा।

वहीं कांग्रेस की तरफ से केरल से कांग्रेस सांसद प्रोफेसर केवी थॉमस ने कहा कि केन्द्र सरकार के आरक्षण के फैसले को सभी अखबारों ने इस खबर को प्रमुखता से लिया है। पहले संसद में पास करना है और फिर 50 फीसदी राज्यों में पास करना होगा और उनके पास तीन महीने का वक्त है। इससे पता चलता है कि सरकार इसको लेकर सरकार कितनी गंभीर है। थॉमस ने कहा कि सरकार बिल लाई है लेकिन नौकरियां कहां हैं।

उन्होंने आरक्षण देने के आधार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति की आठ लाख रुपये सैलरी सालाना होगी उसे आरक्षण का लाभ मिलेगा यानि 63 हजार महीने सैलरी पाने वाले व्यक्ति को इसका लाभ मिलेगा ये बहुत बड़ा एमाउंट है। सांसदों के पास 1000 एकड़ में घर होना चाहिए इतना तो सांसदों के पास भी नहीं होता है। लोकसभा में अरुण जेटली के भाषण की नौ खास बातें

जानें क्या लिखा है सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण विधेयक में

1- जेटली ने कहा कि सवर्ण आरक्षण पर अभी सही प्रयास नहीं हुए है और पिछली सरकारों ने सही कोशिश नहीं की है।

2- सभी राजनीतिक दलों ने अपने घोषणा पत्र में अनारक्षित आरक्षण की बात की है। किसी ने भी सवर्ण आरक्षण पर कुछ नहीं कहा है।

3- इस बिल के जरिए बराबरी लाने के की कोशिश और इसका फायदा आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों को मिलेगा।

4- सरकार से सहायता पाने वाले और ना पाने वाले संस्थानों में भी फायदा मिलेगा। 

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5- अब से पहले नोटिफिकेशन के माध्यम से या एक्ट के माध्यम से कानून बनाने की कोशिश की, लेकिन वैसे कानूनों के लिए सोर्स ऑफ पावर नहीं था, इसलिए इन्हें लागू नहीं किया जा सका। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 50 फीसदी आरक्षण की सीमा केवल पिछड़े समुदायों के लिए थी।

6- जेटली ने कहा, पहला आरक्षण एससी/एसटी के लिए था और उसमें कोई विवाद नहीं था। अंबेडकर जी ने कहा था कि कोई एससी/एसटी तरक्की कर लें और सोचे की मेरी जात बदल जाए लेकिन ऐसा नहीं हो सकता है। लेकिन ओबीसी को आरक्षण दिए जाने के समय भी काफी विवाद हुआ था।

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7- कांग्रेस ने 2014 के अपने घोषणापत्र में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का समर्थन करने की बात कही थी। आज परीक्षा है और वो बड़े दिल से उसका सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि गरीबों को कुछ दिया जा रहा है और कम्युनिस्ट उसका विरोध कर रहे हैं।

8- जेटली ने कहा, शुरुआत में जो संविधान बनाया गया था उसमें सेक्युलर शब्द नहीं था बाद में जोड़ा गया लेकिन उसमें दो बेहद अहम शब्द थे, न्याय और समान अवसर उपलब्ध कराना।

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9- नरसिंहा राव ने आर्थिक आधार पर गरीबों को आरक्षण के लिए नोटिफिकेशन निकाला, उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।

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  • Web Title:FM Arun Jaitley in Lok Sabha on reservation bill ensures It is a move for equality