एसडीएम ने बच्चों को स्कूल आने से रोकने का दिया निर्देश
घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से महुला गढ़वल बांध के उत्तर स्थित तटवर्ती गांवों में दुश्वारियां बढ़ने लगी हैं। बीते चौबीस घंटे में बदरहुआ

लाटघाट, हिन्दुस्तान संवाद। घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि से महुला गढ़वल बांध के उत्तर स्थित तटवर्ती गांवों में दुश्वारियां बढ़ने लगी हैं। बीते चौबीस घंटे में बदरहुआ गेज पर नौ सेमी तो डिघिया गेज पर छह सेमी जलस्तर में वृद्धि हुई है। वहीं डिघिया गेज पर खतरा बिंदु से 95 सेमी और बरदहुआ गेज पर 48 सेमी ऊपर नदी की धारा बह रही है। एसडीएम सगड़ी ने स्कूल प्रबंधकों को बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों को आने से रोकने का निर्देश दिए हैं। करीब एक पखवारा से घाघरा नदी का जलस्तर कभी तेज तो कभी धीमी रफ्तार से बढ़ रही है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्र के ग्राम चक्की, देवारा खास राजा, बांका, बूढ़नपट्टी, शाहडीह, सोनौरा, अजगरा, अचलनगर, इस्माइलपुर, नैनीजोर, अराजी नौबरार करखिया कित्ता प्रथम और अराजी नौबरार करखिया कित्ता द्वितीय सहित एक दर्जन गांवों के संपर्क और लिंक मार्ग प्रभावित हो गए हैं। वहीं दर्जभर गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। गुरुवार को बाढ़ का पानी अब गांवों में घुसने लगा है。
बच्चे नाव पर स्कूल पहुंच रहे हैं
महुला गढ़वल बांध के खरैलिया ढाला से सोनौरा संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने से स्कूली बच्चों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रतिदिन करीब 20 से 25 बच्चे साइकिल लेकर नाव से आवागमन कर रहे हैं। बच्चों के अभिभावक इनके सुरक्षित वापस लौटने तक चिंतित रहते हैं।
1500 बच्चे प्रभावित हुए हैं
बाढ़ से प्रभावित गांव अजगरा, सोनौरा, अभन पट्टी, धुसवा, महाजी, झगरहवा, झनझनपुर और मानिकपुर सहित अन्य गांवों के करीब 1500 बच्चे कक्षा एक से 12 तक की पढ़ाई के लिए बांध के दक्षिण रौनापार क्षेत्र में प्रतिदिन आते-जाते हैं। इनमें बीएसडी इंटर कॉलेज, तिलक इंटर कॉलेज, धीरज इंटर कॉलेज, एसआरएस इंटर कॉलेज और एलडी इंटर कॉलेज के साथ ही जमुवारी-रौनापार के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे शामिल हैं। संपर्क मार्ग डूबने के कारण इन बच्चों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित देवारा क्षेत्र में सबसे अधिक परेशानी बीमार बच्चों, बुजुर्गों को हो रही है। सोनौरा देवारा निवासी राम आशीष का दो वर्षीय पुत्र प्रांशु चार-पांच दिन से बीमार है। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे लेकर बाढ़ चौकी जमुवारी पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सक नहीं मिले। इसके बाद परिजनों को उसे इलाज के लिए करीब 60 किलोमीटर दूर आजमगढ़ मुख्यालय ले जाना पड़ा।सोनौरा देवारा गांव की सावित्री अपनी पौत्री को दवा दिलाने चांदपट्टी गई थीं। उन्होंने बताया कि गांव में कई लोग बीमार हैं, लेकिन बाढ़ चौकी पर दवा नहीं मिल पा रही है। दवा के लिए रौनापार या चांदपट्टी जाना पड़ता है। संपर्क मार्ग डूब जाने के कारण पहले नाव से जाना पड़ता है और उसके बाद तीन-चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
जलस्तर की वृद्धि के आंकड़े
बदरहुआ गेज पर नौ तो डिघिया पर छह सेमी बढ़ा जलस्तर
घाघरा जल स्तर धीमी गति से बढ़ रहा है। वहीं डिघिया गेज पर खतरा बिंदु से 95 सेमी और बदरहुआ गेज पर 48 सेमी ऊपर नदी की धारा बह रही है। डिघिया गेज पर बुधवार को शाम चार बजे नदी का जलस्तर 71.29 मीटर था। गुरुवार शाम चार बजे 6 सेमी बढ़ने से 71.35 मीटर पर पहुंच गया। खतरा बिंदु 70.40 मीटर से 95 सेमी ऊपर नदी की धारा बह रही है। इस गेज का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर है। इसी क्रम में बदरहुआ गेज पर बुधवार शाम चार बजे जलस्तर 72.07 मीटर पर था। गुरुवार की शाम चार बजे नौ सेमी वृद्धि होने पर जलस्तर 72.16 मीटर पहुंच गया। खतरा बिंदु 71.68 मीटर से 48 सेमी ऊपर नदी का पानी बह रहा है। इस गेज का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है।
श्मशान घाट प्रभावित हुआ है
बाढ़ के पानी से घिरा मोहम्मदपुर श्मशान घाट
मुहम्मदपुर, हिन्दुस्तान संवाद।
विकास खंड मुहम्मदपुर क्षेत्र में मंगई नदी का भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से मुहम्मदपुर गांव स्थित श्मशान बाढ़ के पानी से घिर गया है। जिससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर हुए विकास कार्यों के साथ यदि जलभराव की समस्या का भी स्थायी समाधान कर दिया जाए तो अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।


