छितौनी तटबंध पर पहुंचे विधायक, बाढ़ से बचाव की तैयारियों का लिया जायजा

हिन्दुस्तान, कुशीनगर
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खड्डा, हिन्दुस्तान संवाद। तिब्बत में ग्लेशियर फटने के बाद नेपाल

छितौनी तटबंध पर पहुंचे विधायक, बाढ़ से बचाव की तैयारियों का लिया जायजा

खड्डा, हिन्दुस्तान संवाद।

तिब्बत में ग्लेशियर फटने के बाद नेपाल के रसुवा जिले में आई बाढ़ से खड्डा रेता क्षेत्र के निचले इलाकों में मंडराया बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। बड़ी गंडक नदी के डिस्चार्ज में भारी गिरावट के बाद नदी सामान्य स्थिति में पहुंच गई है। स्थिति सामान्य होने की जानकारी मिलने पर गुरुवार को खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय ने एसडीएम सर्वेश सिंह के साथ छितौनी तटबंध के भेड़ियारी ठोकर नंबर तीन का निरीक्षण किया और बाढ़ से बचाव की तैयारियों का जायजा लिया।

तटबंध का निरीक्षण

विधायक ने मौके पर मौजूद बाढ़ खंड के एसडीओ संजय गौंड से तटबंध की मौजूदा स्थिति और संवेदनशील स्थानों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को तटबंध पर लगातार निगरानी बनाए रखने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया। विधायक ने कहा कि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि तटबंध और आसपास के गांवों को किसी तरह का नुकसान न हो।

प्रशासन की सतर्कता

बुधवार को नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद प्रशासन ने नदी के तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया था। ग्रामीणों से नदी के करीब नहीं जाने और पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की गई थी। बाढ़ की आशंका को देखते हुए रेता क्षेत्र के लोगों ने रातजगा कर रात गुजारी। गुरुवार सुबह बड़ी गंडक नदी का डिस्चार्ज करीब डेढ़ लाख क्यूसेक से घटकर 88 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया। नदी का जलस्तर तेजी से घटने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विधायक को तटबंध की वर्तमान स्थिति और बाढ़ से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि नदी के जलस्तर और तटबंध की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं तैयार रखी जाएं。

सामान्य प्रश्न

नेपाल के रसुवा जिले में बाढ़ का कारण क्या था?
नेपाल के रसुवा जिले में बाढ़ का कारण तिब्बत में ग्लेशियर फटना था।
Hindustan | Bureau

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