बनारस में बाढ़ की स्थिति गंभीर, प्रधानमंत्री मोदी ने टेलीफोन पर डीएम से जाना हाल
वाराणसी। बनारस में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
वाराणसी। बनारस में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। यह देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से हालात की जानकारी ली है। उन्होंने नदी के जलस्तर के साथ ही राहत कैम्पों में दी जा रही व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री के निर्देश
गुरुवार की सुबह टेलीफोनिक वार्ता कर प्रधानमंत्री ने डीएम से कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों के राहत के लिए युद्धस्तर पर कार्य करते हुए उन्हें समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। लोगों को कम से कम परेशानी हो इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जहां भी राहत सामग्री की अतिरिक्त आवश्यकता हो वहां तत्काल व्यवस्था की जाए। प्रधानमंत्री ने बाढ़ और राहत कार्यों पर लगातार सतर्क नजर रखने एवं प्रभावित लोगों को अविलंब राहत पहुंचाने के भी निर्देश दिए। खासकर, शिविरों में रह रहे हैं बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा है।
गंगा का जलस्तर
गौरतलब है कि बनारस में गंगा का जलस्तर 48 घंटे पहले ही चेतावनी बिंदु पार कर गया है। खतरा के निशान से लगभग आधा मीटर नीचे है। हालांकि बढ़ाव की रफ्तार काफी धीमी है। केंद्रीय जल आयोग के सुबह 8 बजे के आंकड़े के मुताबिक एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। बाढ़ की वजह से गंगा के साथ ही वरुणा, अस्सी, गोमती, नाद नदियों के तटवर्ती ढाई हजार से अधिक लोगों ने मकान छोड़कर राहत शिविर समेत अन्य स्थानों पर ठौर लिया है। वर्तमान में बाढ़ से नगर के 16 मोहल्ले एवं जनपद के 20 गांव तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे यहां के बशिंदो का दैनिक जीवन के साथ ही खेती-किसानी, व्यापार और कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।


