नदियां घटने लगीं, मगर शहर के निचले इलाकों में दुश्वारियां बरकरार
शाहजहांपुर में खन्नौत और गर्रा नदी का जलस्तर कम हुआ है, लेकिन कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। लोधीपुर और इंद्रा नगर के क्षेत्रों में राहत कार्य जारी है। स्वास्थ्य कैंप लगाए गए हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। रामगंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है।

शाहजहांपुर, वरिष्ठ संवाददाता। खन्नौत और गर्रा नदी का जलस्तर शुक्रवार को कुछ कम हुआ, लेकिन शहर के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी अब भी भरा है। लोधीपुर क्षेत्र में खन्नौत करीब आधा फीट घटने के बावजूद अक्षर धाम कॉलोनी, लोधीपुर का निचला हिस्सा और इंद्रा नगर में ऋषि आश्रम के आसपास का इलाका जलमग्न है।
निचले इलाकों में जलभराव
इंद्रा नगर में लोग घरों में रह रहे हैं और पार्षद की मदद से नाव के जरिए जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। लोधीपुर के निचले इलाकों से लोग बाढ़ राहत केंद्र पहुंच गए हैं। शुक्रवार को यहां स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। राहत केंद्र में भोजन, चाय, दूध और केले की व्यवस्था भी की गई है। अक्षर धाम कॉलोनी में गुरुवार रात करीब एक बजे अंकुर मिश्रा के घर के पास मगरमच्छ निकलने से भी लोगों में दहशत रही। जलभराव वाले इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
हनुमत धाम का हाल
खन्नौत के जलस्तर में कमी का असर हनुमत धाम में भी दिखा। यहां करीब आधा फीट पानी कम हुआ है, लेकिन परिसर का बड़ा हिस्सा अब भी पानी में डूबा है। जलभराव के कारण आवागमन बंद है। परिसर के एक हिस्से में पूजा भी नहीं हो पा रही है। सीढ़ियों से ही आरती की जा रही है।
गर्रा नदी का जलस्तर
गर्रा नदी का जलस्तर भी घट रहा है, लेकिन न्यू सिटी ककरा और सुभाषनगर के निचले इलाकों में पानी जमा है। एबीसी सेंटर परिसर से पानी निकलने के बाद वहां की दुश्वारियां सामने आ रही हैं।
रामगंगा खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर ऊपर
शाहजहांपुर। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की शुक्रवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार रामगंगा नदी अब भी खतरे के निशान से 0.47 मीटर ऊपर है। डबरी घाट पर जलस्तर 137.77 मीटर दर्ज हुआ। गंगा 143.50 मीटर, गर्रा 147.30 मीटर और खन्नौत 145.55 मीटर पर है। गंगा खतरे के निशान से 0.15 मीटर नीचे, गर्रा 1.50 मीटर और खन्नौत 0.20 मीटर नीचे बह रही हैं। दियूनी बैराज से गर्रा में 2833 क्यूसेक और कटना नदी से 5200 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है。


