बहराइच में बैराजों से डिस्चार्ज बढ़ने से नदियां उफान पर, बाढ़ का खतरा मंडराया
बहराइच जिले के तीनों बैराजों से जल डिस्चार्ज में वृद्धि के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। घाघरा और सरयू नदी के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। 1836.712 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 1.32 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं।
बहराइच , संवाददाता । बहराइच जिले के तीनों बैराजों से पानी का डिस्चार्ज बढ़ने के साथ नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिससे बाढ़ की आशंका प्रबल हो गई हैं। मंगलवार को एल्गिन ब्रिज पर 133956 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। इन दिनों नेपाली पहाड़ों पर हो रही बारिश से जिले के तीनों बैराजों पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है। इसलिए अचानक घाघरा का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है। यदि घाघरा के जलस्तर में ऐसे ही बढ़ोत्तरी होती रही तो घाघरा व सरयू नदी के तटवर्ती गांव मांझा दरिया बुर्द, मास्टर पुरवा, बाबा मेला, मुनेश्वर पुरवा, भिखारी पुरवा, प्रधान पुरवा, नौवन पुरवा, लालजी पुरवा, नदी के उस पार पचासा, चमरहिया, धोबिअन पुरवा, धोबियाना व घाघरा के तटवर्ती गांव पचदेवरी चुरई पुरवा, टिकुरी, कोढ़वा, पिपरा, पिपरी, गोलागंज, कायम पुर, हलवाइन पुरवा, जोगापुरवा, बौंडी, तारा पुरवा, छत्तरपुरवा, सिलौटा, कुट्टी बाग, प्रहलाद पुरवा, रानी बाग सहित करीब डेढ़ दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी की जद में जल्द ही आ सकते हैं।यही
कारण है कि इन गांवों के ग्रामीणों के जेहन में बाढ़ की त्रासदी कौंधने लगी है। हालांकि यदि पीछे बैराजों से पानी का डिस्चार्ज निरंतर बढ़ता गया तो इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि महसी तहसील के 1836.712 हेक्टेयर जल प्लावित क्षेत्र के 65 ग्राम पंचायतों की 1 लाख 32 हज़ार 596 की आबादी पर बाढ़ के बादल मंडराने लगे हैं।


