बूड़े हनुमान मंदिर के पास बैराज बनाने की चल रही तैयारी
चित्रकूट की मंदाकिनी नदी में जलप्रलय के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरीक्षण के बाद प्रशासन ने बैराज बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीएम पुलकित गर्ग व एसपी अरुण कुमार सिंह ने प्रस्तावित स्थान का स्थलीय जायजा लिया। जलस्तर प्रबंधन का निर्देश दिया गया और धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी।

चित्रकूट, संवाददाता। भगवान राम की तपोभूमि धर्मनगरी चित्रकूट में पिछले सप्ताह मंदाकिनी मे आए जलप्रलय के बाद अब इंतजामों की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रमण के बाद शासन स्तर से आए उच्चाधिकारियों की टीम ने भी रामघाट पहुंचकर स्थितियों का जायजा लिया था। उस दौरान रामघाट में पुराने स्टॉपडैम से नीचे की तरफ एक अन्य बैराज निर्माण के निर्देश दिए गए थे। जिला प्रशासन ने उच्चाधिकारियों की टीम के अनुपालन में प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी तेज कर दी है। डीएम पुलकित गर्ग व एसपी अरुण कुमार सिंह ने पालिकाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता के साथ मंदाकिनी नदी तट पर स्थित बूड़े हनुमान मंदिर घाट के पास प्रस्तावित बैराज निर्माण को लेकर स्थलीय जायजा लिया।
डीएम ने अधिशासी अभियंता सिंचाई को निर्देश दिए कि बैराज का विस्तृत ले-आउट तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। प्रत्येक सीढ़ी के सापेक्ष जलस्तर एवं पानी की निर्धारित ऊंचाई स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए। कहा कि रामघाट से बूड़े हनुमान मंदिर घाट तक जलस्तर का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। ताकि श्रद्धालुओं को स्नान दौरान कोई समस्या न पाए। इसके साथ ही मई-जून में जलस्तर कम होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त जल उपलब्धता बनाए रखने की कार्ययोजना तैयार की जाए। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रस्तावित बैराज के लिए निजी भूमि का उपयोग न किया जाए। बैराज का निर्माण निर्धारित एवं वास्तविक स्थल पर ही कराया जाए। प्रस्तावित स्थल की गूगल मैपिंग कराते हुए संबंधित अभिलेख भी तैयार किए जाएं। उन्होंने एसडीएम कर्वी को निर्देशित किया कि पूर्व में प्रवाहित सरयू नदी के मार्ग का संबंधित विभागों की संयुक्त टीम से सर्वे कराएं। इसके बाद सीमांकन एवं पिलर स्थापित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


