आपदा प्रबंधन एडीएम ने राघोपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया निरीक्षण
मवेशियों के चारे की किल्लत और आवागमन बाधित होने की समस्या लोगों ने गिनाईं अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जल्द निपटारे का आश्वासन दिया

राघोपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का बुधवार को वरीय अधिकारियों ने एसडीआरएफ टीम के साथ निरीक्षण किया। आपदा एडीएम रामदुलार राम, आपदा सहायक प्रभारी पदाधिकारी आकाश कुमार और राघोपुर अंचलाधिकारी राजीव रंजन चौधरी की टीम ने विभिन्न पंचायतों में जाकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने सबसे पहले रुस्तमपुर पंचायत के हेतमपुर, सरायपुर, तेरसिया, बहरामपुर, जहांगीरपुर आदि गांवों का दौरा किया और बाढ़ के पानी से घिरे लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं।
ग्रामीण समस्याएं
ग्रामीणों ने पेयजल संकट, बिजली आपूर्ति बाधित होने, मवेशियों के चारे की किल्लत और आवागमन बाधित होने की समस्या अधिकारियों के सामने रखी। अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जल्द निपटारे का आश्वासन दिया। अंचलाधिकारी राजीव रंजन चौधरी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं से जिला प्रशासन को अवगत कराया जाएगा और सरकार के निर्देशानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है, इसलिए लोग सतर्क रहें।
नावों का परिचालन
राघोपुर अंचल अधिकारी राजीव रंजन चौधरी ने यह भी बताया कि बाढ़ प्रभावित राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायत में लोगों की आवागमन करने के लिए 80 नाव का परिचालन किया जा रहा है। 62 विद्यालय बाढ़ प्रभावित वहीं बाढ़ के कारण शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। बीडीओ सीमा कुमारी ने बताया कि बुधवार शाम साढ़े चार बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार प्रखंड के 62 विद्यालय बाढ़ प्रभावित हैं, जिससे पठन-पाठन बाधित है। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर सीडीपीओ ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। शाम सात बजे बात करने पर उन्होंने गोल-मटोल जवाब देते हुए कहा कि कितने केंद्र बंद हैं, इसकी जानकारी लेनी होगी। गौरतलब है कि पिछले दो-तीन दिनों में गंगा के जलस्तर में वृद्धि से कई इलाकों में पानी बढ़ा है, निचले इलाके अभी भी घिरे हुए हैं। फिलहाल अंचल प्रशासन द्वारा नावों का परिचालन कराया जा रहा है, लेकिन अभी तक किसी गांव में सूखा राशन और पॉलीथिन शीट का वितरण नहीं किया गया है। -रमेश भगत


