चार नदियों के उफान से सारण में बाढ़ का कहर, दियारा में दहशत

हिन्दुस्तान, छपरा
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पेज चार की लीड रांद के तिवारी घाट पर बाढ़ के पानी का बढ़ा दबाव 17 बाढ़ के पानी से डूबा चिरांद का बंगाली बाबा घाट 18 चिरांद के पुरातात्विक स्थल पर बाढ़ के पानी से होता कटाव 19 डोरीगंज के नदी तटीय...

चार नदियों के उफान से सारण में बाढ़ का कहर, दियारा में दहशत

पेज चार की लीड पटना को भी दिखा लें गंगा, सरयू, सोन और गंडक के बढ़ते जलस्तर से संकट गहराया, कटाव ने बढ़ाई तबाही की आशंका तीन पंचायतों का जिला मुख्यालय से संपर्क भंग फोटो- 15 चिरांद के नोनिया टोली गांव में कटाव करता बाढ़ का पानी 16 चिरांद के तिवारी घाट पर बाढ़ के पानी का बढ़ा दबाव 17 बाढ़ के पानी से डूबा चिरांद का बंगाली बाबा घाट 18 चिरांद के पुरातात्विक स्थल पर बाढ़ के पानी से होता कटाव 19 डोरीगंज के नदी तटीय बसे दर्जनों गांवों के तट पर बढ़ा पानी का दबाव छपरा/डोरीगंज, हिन्दुस्तान टीम। लगातार हो रही बारिश से गंगा, सरयू, सोन व गंडक नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि से सारण के तटीय और दियारा इलाकों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है।

बाढ़ की गंभीर स्थिति

छपरा सदर, दिघवारा, मकेर, तरैया, दरियापुर, पानापुर प्रखण्ड इससे प्रभावित हो गए हैं। सदर प्रखंड की तीन पंचायतों का मुख्यालय से सड़क सम्पर्क भंग हो गया है। पुरातात्विक स्थल चिरांद , आजादी के दीवानों के गांव मलखाचक और दरियापुर के दियारे में तेज बहाव की वजह से कटाव शुरू है। आमी मंदिर स्थित पूजा सामग्री की दुकानों में भी पानी प्रवेश कर गया है। दरियापुर में तटबंधों पर दबाव है। मकेर और तरैया के दियारा इलाका भी पानी से घिर गए हैं। डोरीगंज के तिवारी घाट, नोनिया टोला और पुरातात्विक स्थल चिरांद के आसपास कटाव तेज होने से ग्रामीणों में भय है। लोगों को आशंका है कि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो कई घर और अन्य संरचनाएं कटाव की चपेट में आ सकती हैं। दियरा क्षेत्र की तीन पंचायतों का जिला मुख्यालय से संपर्क भंग हो गया है। सड़क मार्ग से आवागमन बाधित होने के बाद ग्रामीणों के सामने आने-जाने और जरूरी सामान की व्यवस्था की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बीमार लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों के लिए अब नाव ही एकमात्र सहारा है। नाव नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश कोटवापट्टीरामपुर के मुखिया सत्येंद्र सिंह और बड़हरा महाजी पंचायत के मुखिया ने जिला प्रशासन से अपनी-अपनी पंचायतों में जान-माल की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अभी तक प्रभावित इलाकों में एक भी नाव की तैनाती नहीं की गई है। इससे किसी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। पांच लाख क्यूसेक पानी की सूचना से बढ़ी बेचैनी सोन नदी के इंद्रपुरी बराज से करीब पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना ने दियारा क्षेत्र के लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

प्रशासन की कार्रवाई

ग्रामीणों को डर है कि पानी का दबाव बढ़ने पर निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और भयावह हो सकती है। अधिकारियों ने प्रभावित पंचायतों का लिया जायजा बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी नितेश कुमार ने रायपुर, विंदगावा, कोटवापट्टी रामपुर, बडहरा महाजी, चिरांद, भैरोपुर निजामत, डुमरी और मुसेपुर पंचायतों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। इधर, ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नाव उपलब्ध कराने, राहत-बचाव की तैयारी मजबूत करने और कटाव प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय तेज करने की मांग की है। जलस्तर बढ़ने और कटाव जारी रहने से दियारा के लोगों में यह डर गहराता जा रहा है कि आने वाले घंटों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। आजादी के दीवानों के गांव मलखाचक में कटाव मलखाचक में गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच कटाव फोटो- 4 गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण दिघवारा के मलखाचक गांव में हो रहा कटाव 22 दिघवारा के प्राथमिक विद्यालय मिल्की में गंगा नदी का पानी प्रवेश किया जिससे इस विद्यालय का पठन पाठन हुआ ठप 34 मां अम्बिका स्थान आमी मंदिर स्थित गंगा नदी के किनारे स्थित प्रसाद की दुकान में घुसा बाढ़ का पानी दिघवारा, निसं। आजादी के दीवानों के गांव मलखाचक में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सीढ़ी घाट के समीप स्वतंत्रता सेनानी स्व श्रीभगवान सिंह के घर के पास कटाव होने की खबर से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा किनारे बसे लोगों को कटाव की आशंका अब सताने लगी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सीढ़ी घाट के समीप नदी की धारा के दबाव के कारण किनारे की मिट्टी कटने लगी है। यदि समय रहते कटावरोधी व बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही वृद्धि के साथ नदी की धारा का दबाव भी बढ़ रहा है, जिससे कटाव का खतरा लगातार बना हुआ है। कटाव को लेकर आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि कटाव का दायरा बढ़ा तो नदी किनारे की जमीन के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र को भी नुकसान पहुंच सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग के अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कटाव बढ़ने का इंतजार करने की बजाय समय रहते बचाव कार्य शुरू करना जरूरी है, ताकि संभावित नुकसान को रोका जा सके। लोगों ने सीढ़ी घाट के समीप कटाव वाले स्थान का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार मिट्टी भराई, कटावरोधी सामग्री लगाने समेत अन्य सुरक्षात्मक उपाय करने की मांग की है। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच ग्रामीण प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं। बुधवार की दोपहर बाद से विभाग द्वारा कटाव स्थल पर बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है l ग्रामीणों का कहना है की कटाव को रोकने के लिए पूर्व में ही बोल्डर पिचिंग आदि नदियों के जलस्तर में वृद्धि से तटबंधों पर खतरा बढ़ा 27 दरियापुर में गंडक के दियारे में फैला बाढ़ का पानी दरियापुर। प्रखंड की विभिन्न नदियों के जलस्तर में वृद्धि से तटबंधों पर खतरा बढ़ गया है। गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि से दियारे में कटाव शुरू हो गया है। गंडक दियारे के मानपुरा, दरिहरा, सरैंया, कोन्हवा, तुर्की, बेलहर आदि में कटाव शुरू हो गया है। बता दें कि विगत दो दिनों से गंडक नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं माही, गंडकी व सुखमयी नदियों का भी जलस्तर बढ़ रहा है। माही नदी के पथरा,विश्वम्भरपुर, पुर्दिलपुर आदि जगहों पर तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है जिससे ग्रामीणों में बाढ़ से संबंधित चिंता बढ़ गई है। हालांकि फिलहाल स्थिति सामान्य है लेकिन इसी तरह जलस्तर में वृद्धि होती रही तो खतरा ज्यादा बढ़ सकता है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज पांडेय ने तटबंधों की सुरक्षा की जिला प्रशासन से मांग की है। गंडक नदी के उफान से कई गांवों के दियारा क्षेत्रों में पानी घुसा, फसलें डूबीं फोटो- 9 तरैया चंचलिया गंडक नदी में बढ़ा जलस्तर 28 तरैया के चंचलिया सुहागपुर घाट स्थित गंडक नदी में बढ़े जलस्तर व उफान से कटाव शुरू 33 तरैया के मोलनापुर व भटगाई में बुधवार को गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से डूबी धान की फसल तरैया, एक संवाददाता। प्रखंड के पूर्वी इलाके में गंडक नदी के जलस्तर में उफान से कई गांवों के दियारा क्षेत्रों में गंडक नदी की पानी घुस गया है और सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल डूब गयी। इधर संग्रामपुर ,पररी, भटगाई ,रसीदपुर, मोलनापुर गांवों के दियारा खेतों में गंडक के पानी से धान की फसल डूब गयी है। इधर स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र का दौरा कर रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी जा रही है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना पर जदयू पंचायती राज प्रकोष्ठ के महासचिव एवं मुखिया सुशील कुमार सिंह, मुखिया नंदकिशोर साह, प्रखंड पैक्स अध्यक्ष राहुल सिंह तथा वार्ड संघ के प्रखंड अध्यक्ष राजू कुमार ने चंचलिया सुहागपुर घाट पहुंचकर नदी की स्थिति का निरीक्षण किया। गंडक नदी उफान पर, दियारा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा फोटो- 26 मकेर के हैजलपुर गांव में गंडक नदी के पानी से घिरा घर 14 मकेर के दादनपुर दियारे में फैला गंडक नदी का पानी मकेर, सारण, ए.सं।। नेपाल में हो रही लगातार और अत्यधिक बारिश के कारण गंडक नदी उफान पर है। नदी के बढ़ते जलस्तर से प्रखंड का दियारा क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया है। लगुनियां, हैजलपुर, नौकाडा व लगुनियां पोखरा समेत करीब आधा दर्जन गांवों के चारों ओर पानी फैल गया है। इससे खेतों में लगी धान समेत अन्य फसलें डूबने लगी हैं। मवेशियों के लिए हरे चारे की भी समस्या उत्पन्न हो गई है। गंडक नदी के उफान को देखते हुए जल संसाधन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है, जबकि स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है। गौरतलब है कि करीब एक माह पहले हैजलपुर गांव में कटाव की स्थिति काफी गंभीर हो गई थी। कटाव वाले स्थानों पर कटावरोधी कार्य कराया गया है। इसके बावजूद नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए क्षेत्र के लोग बाढ़ और कटाव की आशंका से चिंतित हैं।

सामान्य प्रश्न

✦क्या सारण जिले में बाढ़ की स्थिति सामान्य है?−
हालांकि फिलहाल स्थिति सामान्य है लेकिन इसी तरह जलस्तर में वृद्धि होती रही तो खतरा ज्यादा बढ़ सकता है।
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