सरयू के बाढ़ में घिरे आधा दर्जन गांवों की 40 हजार आबादी
बैरिया, हिन्दुस्तान संवाद। सरयू नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी ने तटवर्तियों की नींद
बैरिया, हिन्दुस्तान संवाद। सरयू नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी ने तटवर्तियों की नींद उड़ा दी है। तहसील क्षेत्र के सुरेमनपुर दियरांचल के किसानों की फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है। शिवाल मठिया, गोपाल नगर टाड़ी, गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर, धूपनाथ के डेरा, बैज के डेरा, देवपुर मठिया सहित कुल आधा दर्जन गांव की करीब 40 हजार आबादी बाढ़ के पानी से घिर गई है। बिजली विभाग द्वारा सुरक्षा के कारणों से बाढ़ प्रभावित इलाकों की बिजली काट दी गई है और अब तक प्रशासन द्वारा जनरेटर की भी व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में पीड़ित अंधेरे में रात गुजारने को लाचार हैं।
बाढ़ पीड़ितों में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बकुल्हां, टोला फते राय, चांद दियर, आठगांवा में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सैकड़ों की संख्या में लोग अपने मवेशियों के साथ बंधे पर शरण लिए लिए हैं।दियारे में बाढ़ के पानी में घिरे मवेशियों को नाव पर लाद कर गांव लाते समय रविवार को गोपालनगर के पूर्व प्रधान प्रदीप यादव व अन्य ग्रामीणों की नाव सरयू नदी के तेज धारा में बहने लगी, यह तो कुछ उत्साही युवकों के प्रयास से नाव को मल्लाहों ने किसी तरह से किनारे लगाया और लोग अपने मवेशियों संग सुरक्षित गांव पहुंच सके। पूर्व प्रधान ने बताया कि गोपालनगर दियारे में एक ऊंचाई वाला टिला है, जहां मवेशियों को बरसात के मौसम में पशुपालक रखते थे। लेकिन इस बार वह टिला भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। ऐसे में चार दिनों से लगभग 300 में मवेशी घुटने भर से अधिक पानी में खड़े थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए किराए पर डूमाईगढ़ से बड़ी नाव मंगाई गई थी। उस नाव से पशुपालक इस पार आ रहे थे तथा नाव के सहारे मवेशियों को पानी में तैराकर इस पार लाया जा रहा था, इसी बीच नाव डगमगाते हुए सरयू नदी के धारा में करीब 200 मीटर विपरीत दिशा में बह गई, यह देख नाव पर बैठे लोग परेशान हो गए, तभी कुछ उत्साही युवक व नाविकों ने मदद की और नाव को नदी के धार से सुरक्षित बाहर निकाला। यह ईश्वरी कृपा ही रही कि इस नाव पर पूर्व प्रधान के अलावा दीनानाथ, दशरथ साहिनी, राजेश, लल्लन आदि सुरक्षित गांव पहुंच सके।


