बाढ़ के पानी से पशुशाला की दीवार ढही, छप्परनुमा ढांचा धराशाई
गंगा किनारे के रघुपुर पुख्ता गांव में बाढ़ ने गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी है। गांव में पानी भर जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पशुशाला की दीवार गिरने से सतीश के पशुओं को भी खतरा हो गया है। फसलों और चारे की बर्बादी का खतरा भी बना हुआ है।

थाना क्षेत्र के गंगा किनारे बांध के अंदर बसे रघुपुर पुख्ता गांव में बाढ़ का प्रकोप लगातार बना हुआ है। गांव के आसपास खेत-खलिहान और निचले स्थानों में पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ के पानी ने अब ग्रामीणों के घरों और पशुशालाओं को भी नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। जुनावई क्षेत्र के रघुपुर पुख्ता गांव निवासी सतीश की पशुशाला भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गई। पानी के लगातार दबाव और नमी के कारण पशुशाला की दीवार कमजोर होकर अचानक ढह गई। दीवार गिरने के साथ ही छप्परनुमा पशुशाला का पूरा ढांचा धराशाई हो गया।
इससे पशुओं को रखने की व्यवस्था प्रभावित हो गई और परिवार के सामने उन्हें सुरक्षित रखने की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी लगातार गांव के निचले हिस्सों में भरा हुआ है। कई स्थानों पर पानी का दबाव बने रहने से कच्ची दीवारों और पशुओं के लिए बनाए गए छप्परनुमा ढांचों के गिरने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण अपने स्तर से पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। बाढ़ के कारण रघुपुर पुख्ता सहित बांध के अंदर बसे अन्य गांवों में भी ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों में लंबे समय से पानी भरा होने के कारण फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, पशुओं के लिए चारा रखने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर बांधने की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।


