गंगा एवं रामगंगा नदी में जलवृद्धि जारी, 36 गांवों में बाढ़
बदायूं में गंगा और रामगंगा नदी में जलवृद्धि जारी है, जिससे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 16 सेमी ऊपर है, और 36 गांव प्रभावित हैं। ग्रामीण कटान के कारण अपने घर तोड़ने पर मजबूर हैं। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के कारण जलस्तर बढ़ रहा है।
बदायूं। गंगा एवं रामगंगा नदी में जलवृद्धि का सिलसिला जारी है। बाढ़ का पानी गांवों की ओर बढ़ता जा रहा है। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों में हाहाकार मचा हुआ है। गंगा नदी में जलस्तर खतरे के निशान से 16 सेमी ऊपर चल रहा है।गंगा नदी में उफान आने से जिले की तीन तहसील सदर, दातागंज, सहसवान के 36 गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं। इससे ग्रामीण परेशान हैं। उसहैत क्षेत्र में भुंडी पर कटान तेजी से जारी है, जिससे उसहैत बांध को भी खतरा बढ़ गया है।उसहैत इलाके में गंगा नदी पार कदम नगला पर भी कटान तेज गति से जारी है।
यहां पांच घर गंगा में समा गये हैं बाकी घर भी नदी के निशाने पर हैं।ग्रामीणों ने अपने पक्के मकान खुद तोड़ना शुरू कर दिया है। डूब क्षेत्र होने के चलते कटान रोकने को बाढ़ खंड की ओर से काम शुरू नहीं कराया गया है। इधर रामगंगा में जलवृद्धि होने से गढ़िया रंगीन हजरतपुर मार्ग के ऊपर से पानी चल रहा है।इससे लोगों के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ खंड अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ों एवं मैदानी क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते डैम फुल हो रहे हैं, ऐसे में सहायक नदियों में बढ़ाकर पानी छोड़ा जा रहा है। हरिद्वार, बिजनौर, नरौरा से गंगा नदी में डिस्चार्ज बढ़ गया है।


