दो दिनों से गंगा का जलस्तर स्थिर
दो दिनों से गंगा नदी का पानी है जिले में स्थिर क क क क क क क क क क क क क ककक

सीतामढ़ी, हिन्दुस्तान संवाद। जिले में पतित पावनी के जल स्तर में दो दिनों से बढ़ोत्तरी बंद है। हालांकि चेतावनी बिन्दु के करीब पानी पहुंच गया था। लेकिन अब कम होने से कीचड़ बस्तियों के आसपास जमा हो गया है। इससे बीमारियों का डर बना हुआ है। हालांकि जिले में अभी तक किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं हैं। सीतामढ़ी स्थित केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जिले में दो दिनों से गंगा नदी का जल स्तर स्थिर है। उसके पहले घटाव जारी था। गुरुवार को भी नदी का पानी स्थिर रहा। आशा जाहिर किया कि आगामी दिनों में एक बार फिर पानी कम हो सकता है। गुरुवार को जलस्तर 76.80 मीटर दर्ज किया गया। बताया गया कि गत दिनों पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, हरिद्वार का पानी यमुना के जरिए गंगा में आने के कारण दिक्कतें हुई थीं। अभी तो जनपद में ज्यादा दुश्वारियां नहीं हैं। बता दें कि अगस्त माह के दूसरे सप्ताह के बाद से जिले में अच्छी बरसात माह के अंत तक हुई थी। उसके कारण गंगा का जल स्तर चेतावनी बिन्दु के करीब पहुंच गया था.
डीएम की निगरानी
उधर, डीएम शैलेष कुमार बाढ़ पर स्वयं पैनी नजर बनाए हुए हैं। लगातार अफसरों एवं कर्मियों को वहां भेजने के साथ ही 22 बाढ़ चौकियों को एलर्ट कर दिया है। उन्होंने खासकर कटान वाले इलाकों छेछुआ, भूर्रा, मवैया, थानसिंह का पुरा, इटहरा कला, तुलसी कलिक और मवैया में विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि बाढ़ को लेकर घबराएं ना। जिला प्रशासन तराई के लोगों के साथ है। उधर, ग्रामीणों ने सरकार एवं जिला प्रशासन से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग की। कहा कि लंबे समय तक खेतों में पानी लगने के कारण धान, सब्जियों के साथ ही अन्य खरीफ फसलें बर्बाद हो गईं हैं.
कीचड़ की समस्या
बीडीएच 04: महर्षि वाल्मिकी गंगा घाट पर गुरुवार को गंगा का पानी कम होने के बाद जमा कीचड़।


