सोहगीबरवा सहित आठ राजस्व ग्रामों पर प्रशासन की नजर
नेपाल में आई बाढ़ से नारायणी गंडक नदी के जलस्तर पर प्रशासन की नजर है। सोहगीबरवा समेत आठ गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। डीएम ने ग्रामीणों की व्यवस्थाओं की परख की है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें क्षेत्र में सक्रिय हैं।

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। नेपाल में आई बाढ़ से नारायणी गंडक नदी के जलस्तर पर सिंचाई विभाग और प्रशासन की लगातार नजर है। बाढ़ को देखते हुए सोहगीबरवा समेत आठ राजस्व गांवों पर प्रशासन की नजर है।
बाढ़ के प्रभावित गांव
नारायणी नदी पार के सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा के 13 टोलों में तकरीबन 20 हजार की आबादी निवास करती है। इसके अलावा कुशीनगर जिले के खड्डा थानाक्षेत्र के बसंतपुर, शिवपुर और हरिहरपुर ग्राम पंचायत भी इसी रेता क्षेत्र में स्थित हैं। इन गांवों में बाढ़ का खतरा अभी भी मंडरा रहा है।
प्रशासन की तैयारियां
बाढ़ को देखते हुए डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने गुरूवार को सोहगीबरवा में बाढ़ की स्थिति में ग्रामीणों के ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं को परखा था। यहां हल्का लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार की टीम डेरा डाले हुए है। सोहगीबरवा थाने की पुलिस भी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है। सीओ निचलौल रविन्द्र सिंह भी सोहगीबारवा की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। एसडीआरएफ की टीम भी लगातार भ्रमणशील है और बाढ़ को लेकर सक्रिय बनी हुई है।
रोहुआ नाले की स्थिति
रोहुआ नाला में घुटना तक लगा पानी, आने जाने में दिक्कत
नारायणी नदी के किनारे बिहार और नेपाल सीमा पर सुस्ता के पास बांध टूटने से यह पानी सोहगीबरवा के रोहुआ नाला तक पहुंच रहा है। इसके चलते रोहुआ नाला में भी घुटना तक पानी भरा है। इसी रास्ते इन गांवों को वाहन और पैदल आना जाना होता है।


