रेवा घाट में गंडक लाल निशान के पास, बढ़ रहा पानी
नेपाल में गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। रेवा घाट में जलस्तर में 13 सेंमी की बढ़ोतरी हुई है, जो खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, भारी बारिश और वाल्मीकिनगर बराज से छोड़े गए पानी के कारण जलस्तर में वृद्धि हुई है।

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। नेपाल में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के इसके जलस्तर में तेजी का रुख बना हुआ है। रेवा घाट में जलस्तर में गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को जलस्तर में 13 सेंमी की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही गंडक नदी यहां खतरे के निशान से महज 39 सेंटीमीटर नीचे रह गई थी। हालांकि, गंडक नदी लालगंज में खतरे के निशान को पार कर गई है। रेवा घाट में शनिवार सुबह इसके खतरे के निशान पार कर जाने की आशंका जताई जा रही है। इधर, बागमती नदी का जलस्तर कटौंझा और बेनीबाद में कम हुआ है। बेनीबाद में यह पिछले चार दिनों के बाद पहली बार खतरे के निशान से निशान आई है। वहीं, बूढ़ी गंडक का जलस्तर अभी भी लाल निशान से करीब पांच मीटर नीचे है。
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़े
केंद्रीय जल आयोग द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़े के अनुसार गंडक नदी में वाल्मीकिनगर बराज से छोड़े गए पानी के अलावा जलग्रहण वाले इलाके में भारी बारिश होने से वृद्धि हो रही है। इस कारण इसके जलस्तर में 10 से लेकर 70 सेंमी तक की वृद्धि दर्ज की गई। शुक्रवार शाम छह तक गंडक नदी का जलस्तर 54.02 मीटर मापा गया, जो लाल निशान से महज 39 सेंमी नीचे है। वहीं, लालगंज में यह खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही थी। पिछले 24 घंटे में इसका जलस्तर 70 सेंटीमीटर बढ़कर 51.5 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 50.5 मीटर से अधिक है।
बागमती नदी का जलस्तर
चार दिन बाद बागमती लाल निशान से नीचे :
बागमती नदी का जलस्तर बेनीबाद में घटकर खतरे के निशान से 10 सेंमी नीचे 48.58 मीटर रहा। कटौझा में यह 53.22 मीटर पर बह रही थी, जो लाल निशान 55 मीटर से करीब 1.78 मीटर नीचे था। बूढ़ी गंडक का जलस्तर कांटी में 50.27 और सिकंदरपुर में 47.07 मीटर दर्ज किया गया। यह नदी जिले में अभी भी लाल निशान से चार से साढ़े पांच मीटर नीचे बह रही है।


