खादर में बाढ़ की आशंका, मोरना-लक्सर मार्ग पर उतरा पानी
मोरना में शनिवार रात हुई तेज बारिश से सोरानी नदी उफन गई है। रविवार को मोरना-लक्सर मार्ग जलमग्न हो गया। तहसील अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया, और ग्रामीणों को ऊँचे स्थानों पर जाने की सलाह दी। गंगा का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुँच गया है। बाढ़ चौकियों की भी स्थापना की गई है।

मोरना शनिवार रात हुई तेज़ बारिश व पहाड़ी क्षेत्र से आए पानी से क्षेत्र की सोलानी नदी उफन गयी है। रविवार को मोरना-लक्सर मार्ग जलमग्न हो गया। वहीं शुकतीर्थ में गंगा का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। तहसील अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया है। निचले स्थानों से ग्रामीणों ने ऊपर की ओर जाना शुरू कर दिया है।ब्लॉक क्षेत्र के गांव मजलिसपुर तोफीर, महाराज नगर, खैरनगर आदि गांव के जंगल मे फसलें जलमग्न हो गई। क्षेत्र में अब बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता, नायब तहसीलदार बृजेश कुमार राजस्व निरीक्षक सुनील कुमार शर्मा ने लेखपाल आदि के साथ रविवार को बाढ़ संभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
जहां सोलानी नदी अब उफान पर नदी का पानी जंगल के साथ मोरना लक्सर मार्ग पर फैल गया। निचले स्थानों पर रहने वाले ग्रामीण ऊंचे स्थानों की ओर जाने शुरु हो गये हैं। शुकतीर्थ में गंगा का जल स्तर बढ़ गया है। जहां खतरे की आशंका व्याप्त हो गई। केंद्रीय जल आयोग के गेज पाठक प्रीतम सिंह ने बताया कि रविवार को गंगा का जल स्तर 225.90 दर्ज किया गया खतरे का बिंदु 226.50 है। तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता ने बताया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों से बात की गई है, जहां उन्हें अधिकारियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए जाएंगे तथा किसी भी स्थिति के लिए तुरंत प्रशासन को सूचित करने के लिए कहा गया है। क्षेत्र में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। शुकतीर्थ में मोटरबोट द्वारा स्थिति का जायजा लिया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


