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7 अप्रैल, 2021|12:21|IST

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चेहरों पर कशमकश के बीच दिलचस्प हुई पांच राज्यों की चुनावी जंग, बंगाल से लेकर असम तक एक ही हाल

five states electoral battle became interesting amidst fighting for cm face from bengal to tamil nad

चुनावी राज्यों में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर राजनीतिक दलों में जबरदस्त जद्दोजहद है। जिन दलों के मुख्यमंत्री नही हैं उन्हें अपना चेहरा आगे करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हर राज्य के सियासी समीकरण और स्थानीय परिस्थितियों के मद्देनजर चेहरे की जंग लड़ाई को और भी दिलचस्प बना रही है।

बड़े कद के चेहरे की तलाश और दुविधा के चलते बंगाल में अभी तक भाजपा अपना मुख्यमंत्री पद का चेहरा नही पेश कर पाई। ये भी ऐलान फिलहाल नही किया गया है कि चेहरा आगे किया भी जाएगा या नही। दरअसल यहां पार्टी को ममता के टक्कर का चेहरा नही मिला तो सामूहिक नेतृत्व में ही चुनाव लड़ना विकल्प है। पार्टी के सरप्राइज वाले दाव पर भी अटकलें कम नही हैं।

वहीं, केरल में श्रीधरन के नाम पर अटकलों के बीच पार्टी को बताना पड़ा कि अभी कुछ भी तय नही है। जबकि असम में सर्बानंद सोनोवाल के मुख्यमंत्री होते हुए भी पार्टी अकेले उनका चेहरा आगे करके चुनाव लड़ने का जोखिम नही ले रही है।

कांग्रेस भी न तो बंगाल में और न ही असम में किसी नेता को आगे कर पाई है। कोई सर्वस्वीकार्य चेहरा न होने से सामूहिक नेतृत्व के आधार पर चुनाव लड़ने की वकालत पार्टी के नेता कर रहे हैं। केरल में भी कांग्रेस की अंदरूनी कशमकश कम नही है। तमिलनाडु में कांग्रेस डीएमके के साथ चुनाव लड़ रही है। यहाँ भाजपा व कांग्रेस दोनो को क्षेत्रीय दलों के चेहरों पर समझौता करना पड़ सकता है। लेकिन, संशय की तश्वीर यहां भी कम नहीं है। पलानीस्वामी मुख्यमंत्री होते हुए भी सर्वस्वीकार्य छवि नही बना पाए हैं। उनकी पार्टी अभी भी जयललिता के नाम पर अपनी नैया पार लगाना चाहती है। हालांकि जयललिता की विरासत के दावेदार भी कई हैं। एआईएडीएमके से गठबंधन करने या न करने पर दिनकरन की भूमिका भी दिलचस्प होगी। शशिकला का पर्दे के पीछे का किरदार भी बहुत अहम होगा।

उधर, डीएमके में भी स्टालिन करुणानिधि की विरासत के आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि तमिलनाडु में जयललिता और करुणानिधि जैसे दिग्गजों की गैरमौजूदगी में हो रहे चुनाव ने बड़े राजनीतिक कद वाले चेहरों के लिहाज से रिक्तता पैदा कर दी है।

पुडुचेरी में चुनाव के ठीक पहले बहुमत खोकर वी. नारायणसामी को इस्तीफा देना पड़ा था। वे कांग्रेस में बड़ा चेहरा हैं। लेकिन पार्टी में अब उनको लेकर भी आमसहमति नही है। इसलिए आने वाले दिनों में पुडुचेरी की तश्वीर क्या होगी और कौन वहां की जंग में बड़ा सियासी चेहरा बनकर उभरेगा सियासी जानकार इसपर एकमत नही हैं।

 

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  • Web Title:Five states electoral battle became interesting amidst fighting for CM face from bengal to tamil nadu