पहली बार इन्कयूबेटर में रखा गया नवजात
न्यूयॉर्क, एजेंसी। किसी फिल्म या शो में काम करने के लिए अभिनेता-अभिनेत्रियों को पहले ऑडिशन

पहली बार इन्कयूबेटर में रखा गया नवजात 7 सितंबर 1888 चिकित्सा इतिहास में अहम दिन माना जाता है। इस दिन न्यूयॉर्क के वॉर्ड्स आइलैंड के एक अस्पताल में पहली बार एक नवजात शिशु को इनक्यूबेटर में रखा गया। इन्क्यूबेटर एक खास मेडिकल उपकरण होता है, जिसमें समय से पहले जन्मे या बहुत कम वजन वाले शिशुओं को सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण दिया जाता है। यह प्रयोग सफल साबित हुआ जिसने हजारों बच्चों की समय से पहले होने वाली मृत्यु को रोकने में अहम भूमिका निभाई。
पहली बच्ची का नाम
- इन्क्यूबेटर में रखी जाने वाली पहली बच्ची का नाम एडिथ एलेनोर मैकलीन था।
एलेनोर का विकास
- जन्म के समय एलेनोर का वजन महज करीब 1.1 किलोग्राम था।
- उनके बचने की संभावना काफी कम थी इसलिए उन्हें गर्म और नियंत्रित तापमान वाले इन्क्यूबेटर में रखा गया।
- एलेनोर पर किया गया यह प्रयोग कारगर साबित हुआ, वह जीवनभर स्वस्थ रहीं।
- बाद में वह 13 स्वस्थ बच्चों की मां भी बनीं। उनका निधन 14 अक्टूबर 1971 को 83 वर्ष की उम्र में हुआ।
समय का संदर्भ
- जिस दौर में एलेनोर पर यह प्रयोग किया गया तब समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों के जीवित रहने की संभावना काफी होती थी।
- इस चुनौती से निपटने के लिए फ्रांसीसी डॉक्टर मार्टिन आर्थर कूनी ने इन्क्यूबेटर के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया।
- पहले इस तकनीक पर संदेह जताया जाता था, लेकिन आगे चलकर यह शिशु मृत्यु दर कम करने में कारगर साबित हुई।


