आरटीओ दफ्तर में फायर झोंकने वाले बाबू पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा
हल्द्वानी के आरटीओ दफ्तर में एक प्रशासनिक अधिकारी ने दिनदहाड़े फायरिंग की। आरोपी महेंद्र सिंह नेगी अभी फरार है। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। फायरिंग के दौरान किसी कर्मी को चोट नहीं आई। जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।

हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। हल्द्वानी के आरटीओ दफ्तर के भीतर दिनदहाड़े फायरिंग करने वाले प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि पुलिस की गिरफ्त से आरोपी बाबू अभी फरार है। पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। आरोपी पर मुकदमे में पुलिस खुद वादी बनी है। मंगलवार शाम चार बजे के आसपास आरटीओ कार्यालय के पीआर अनुभाग में प्रशासनिक अधिकारी पद पर तैनात महेंद्र सिंह नेगी ने फायर झोंक दिया था। गोली अलमारी से टकराकर फाइलों के बीच फंस गई थी। हालांकि किसी कर्मी को गोली नहीं लगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र नेगी की दिन में अपने सहकर्मी से कहासुनी भी हुई थी। इसके बाद वह दोपहर में घर गए और वापस पिस्टल लेकर कार्यालय आ धमके। कहासुनी के बाद महेंद्र ने कमरे से पिस्टल निकाली और जाली के बाहर से फायर झोंक दिया। गनीमत रही कि गोली किसी को लगी नहीं। इस दौरान यहां अफरातफरी मच गई। एसएचओ सुशील जोशी ने बताया कि ऊधमसिंह नगर के किच्छा स्थित देवरिया निवासी आरोपी महेंद्र नेगी के खिलाफ चौकी प्रभारी दीपा जोशी की तहरीर पर बीएनएस की धारा 110 यानि गैर इरादतन हत्या के प्रयास में मुकदमा दर्ज कर लिया है। असलहा बरामद होने के बाद आर्म्स एक्ट बढ़ाया जाएगा। लाइसेंसी है या नहीं यह बरामद होने के बाद पता लगेगा। आरोपी परिवार के साथ वर्तमान में कुसुमखेड़ा में रहता है। परिवार से भी पूछताछ की गई है。
आरोपी का बंद आ रहा है फोन
पुलिस लगातार आरोपी के मोबाइल पर फोन कर रही है। लेकिन घटना के बाद से उसका फोन बंद है। जिस कारण आरोपी की लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पा रही है। सीसीटीवी में देखने से पता लगा है कि आरोपी हल्द्वानी शहर की ओर आता नजर आया है। फायरिंग के तुरंत बाद ही आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर दिया था।
लाइसेंसी मिला असलहा तो होगा निरस्त
एसपी सिटी ने मनोज कत्याल ने बताया कि जिस पिस्टल से आरोपी ने फायरिंग की है, क्या वह लाइसेंसी और या अवैध यह जांच प्रमुख तौर पर की जा रही है। अगर हथियार बरामद हो जाता है और वह लाइसेंसी मिला तो उसे निरस्त करने की प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही एक और मुकदमा आरोपी पर दर्ज किया जाएगा।


