रिम्स में ‘अग्निपरीक्षा’, मॉक ड्रिल में हाइड्रोलिक लिफ्ट से बचीं जानें
रांची के रिम्स अस्पताल में सोमवार को आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। करीब 200 लोगों ने भाग लिया। इस अभ्यास में आग बुझाने के उपकरणों का सही इस्तेमाल और मरीजों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। यह मॉक ड्रिल हर तीन महीने में आयोजित की जाएगी।

रांची, सवाददाता। रिम्स में सोमवार को आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन मॉक ड्रिल और मरीज निकासी अभ्यास किया गया। अस्पताल प्रबंधन विभाग और एसएपी बटालियन 1 व 2 के संयुक्त तत्वावधान में सुपर स्पेशियलिटी भवन और डेंटल कॉलेज परिसर में हुए इस अभ्यास में करीब 200 लोगों ने भाग लिया। मॉक ड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने आग लगने पर तुरंत कार्रवाई करने, आग बुझाने के उपकरणों के सही इस्तेमाल और ऊपरी मंजिलों पर फंसे मरीजों व कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया। हाइड्रोलिक बकेट लिफ्ट के जरिए रेस्क्यू का अभ्यास भी कराया गया।
वहीं, स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की मदद से गंभीर मरीजों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और निर्धारित असेंबली प्वाइंट तक ले जाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास हुआ। कार्यक्रम में चिकित्सकों, जूनियर व सीनियर रेजिडेंट, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ, एसएपी के जवान, पुलिस, होमगार्ड और आउटसोर्स कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने सभी को आपदा के समय घबराने के बजाय तय प्रक्रिया के अनुसार काम करने और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जानकारी दी। अभ्यास की अध्यक्षता अपर चिकित्सा अधीक्षक कर्नल जीवन कुमार सिंह एवं एसएपी बटालियन 1 एवं 2 के कमांडेंट ने की। रिम्स प्रशासन ने कहा कि अस्पताल को किसी भी आपदा के लिए तैयार रखने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस तरह की मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण हर तीन महीने पर आयोजित किए जाएंगे।


