वित्तीय कार्यों के लिए बनेगा नया सिस्टम
मधुबनी। वित्तीय वर्ष 2026-27 से समग्र शिक्षा कार्यक्रम के तहत योजनाओं के वित्तीय कार्यों को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की तैयारी शुरू की गई है। जिला स्तर पर कार्यालयों में जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा। पोर्टल आधारित प्रक्रिया के अनुसार वित्तीय दावों के निष्पादन की व्यवस्था लागू होगी, जिससे जवाबदेही और वित्तीय अनियमितता पर अंकुश लगेगा।

मधुबनी। वित्तीय वर्ष 2026-27 से समग्र शिक्षा कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं के वित्तीय कार्यों को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश के अनुसार निर्धारित पोर्टल पर विभिन्न स्तर के कार्यालयों को एकीकृत रूप में पंजीकृत कर यूजर को टैग किया जाएगा। इसका असर जिले में भी समग्र शिक्षा से जुड़े वित्तीय कार्यों पर पड़ेगा।
जिम्मेदारियों का निर्धारण
निर्देश के तहत जिला स्तर पर कार्यालयों में मेकर, चेकर, अप्रूवर और ऑफिस एडमिन की जिम्मेदारी तय की जाएगी। वहीं प्रखंड स्तर पर प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) के माध्यम से विद्यालयों से जुड़े दावों को तैयार करने और उनकी जांच की प्रक्रिया संचालित होगी। लेखा सहायक सह डाटा इंट्री ऑपरेटर, एचएम व संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी निर्धारित की गई है।
पोर्टल आधारित प्रक्रिया
मधुबनी जिले के प्रखंड संसाधन केंद्रों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों व अन्य संबंधित संस्थानों में भी पोर्टल आधारित प्रक्रिया के अनुसार वित्तीय दावों के निष्पादन की व्यवस्था लागू होगी। विशेष परिस्थिति में एचएम की आईडी से कार्य नहीं होने पर बीआरसी स्तर के कर्मियों को संबंधित विद्यालय का दावा तैयार करने की जिम्मेदारी दी जा सकेगी। इससे भुगतान प्रक्रिया में जवाबदेही तय होने के साथ वित्तीय अनियमितता पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है। इसके लिए सभी संबंधित को प्रशिक्षित करने का काम शुरू किया गया है। अनुमंडलवार प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। डीपीओ एसएसए कुमार सत्यम ने बताया कि इस प्रशिक्षण का व्यापक असर होगा। शुक्रवार को वाटसन प्लस टू उवि में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।


