फाइलेरिया मुक्ति को छूटे हर व्यक्ति तक पहुंचेगी दवा
मधुबनी में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को नई गति दी गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को सक्रिय करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति ने आदेश जारी किए। 10 फरवरी 2026 को कई लोगों ने दवा ली थी, लेकिन कुछ वंचित रह गए थे। अब सीएचओ उन लोगों को पहचानकर दवा देंगे। इस पहल से बिहार को फाइलेरिया मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।

मधुबनी,एक संवाददाता। सिविल सर्जन हरेन्द्र कुमार के निर्देश पर जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को नई गति दी गई है।
अभियान की प्रभावशीलता
राज्य स्वास्थ्य समिति ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों सीएचओ की भूमिका को सक्रिय करने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर डॉ. मनोज कुमार के पत्र के अनुसार 10 फरवरी 2026 को मधुबनी शहरी क्षेत्र के वार्ड 1 से 45 में एमडीए अभियान चला था। बड़ी संख्या में लोगों ने दवा ली, पर कई कारणों से कुछ लोग वंचित रह गए। अब सभी सीएचओ अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अपने समक्ष दवा सेवन कराएंगे। इससे अभियान की प्रभावशीलता बढ़ेगी और बीमारी का चक्र टूटेगा।
मरीजों की देखभाल
आदेश में कहा गया है कि सीएचओ और मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसएबिलिटी प्रिवेंशन का प्रशिक्षण मिल चुका है। वे फाइलेरिया मरीजों को परामर्श देने के साथ-साथ एमएमडीपी सेवाएं देंगे और उपलब्धता के अनुसार किट भी उपलब्ध कराएंगे। इससे मरीजों को सूजन, दर्द जैसे दुष्प्रभावों से राहत और बेहतर जीवनशैली अपनाने में मदद मिलेगी। राज्य स्वास्थ्य समिति ने जिला कार्यक्रम समन्वयकों को निर्देश दिया है कि वे सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में इस कार्य का मॉनिटरिंग करें। डीपीसी यह सुनिश्चित करेंगे कि सीएचओ के पास दवा का पर्याप्त स्टॉक रहे और एमएमडीपी किट का वितरण समय पर हो। कोई भी पात्र व्यक्ति सेवा से वंचित न रहे। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रक पदाधिकारी डॉ. डी एस सिंह ने कहा कि छूटे हुए लोगों तक दवा पहुंचाने और मरीजों को नियमित देखभाल देने से अभियान तेज होगा। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए समुदाय स्तर पर हो रही यह पहल बिहार को फाइलेरिया मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगी।
सामान्य प्रश्न
कृपया अपने अनुभव को रेट करें


