संस्थान बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाएगा
अम्बेडकरनगर में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए जन विकास संस्थान ने ट्रैफिकिंग रोकने की निर्णायक जंग का एलान किया। जागरूकता अभियान चलाने, ट्रैफिकरों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का संकल्प लिया गया। हर घंटे 11 बच्चे गुम होते हैं और इनमें से अधिकांश ट्रैफिकिंग के शिकार होते हैं।

अम्बेडकरनगर, संवाददाता। बच्चों की सुरक्षा व सरंक्षण के लिए जन विकास संस्थान निर्णायक जंग का एलान करते हुए कहा कि सरकार, प्रशासन व आम नागरिकों के सहयोग से जिले से ट्रैफिकिंग पर पूरी तरह रोकथाम के लिए प्रतिबद्ध है। ट्रैफिकिंग रोकने के लिए जिले में जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ ट्रैफिकरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने निर्णय नई दिल्ली के कांस्टीटयूशन क्लब में 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों का चार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर जन विकास संस्थान के निदेशक राजमणि ने कहा कि देश में रोजाना छह बच्चों की ट्रैफिकिंग होती है और पांच बच्चों का जबरन मजबूरी के लिए मजबूर किया जाता है।
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि हर घंटे 11 बच्चे गुम हो जाते हैं। इनमें से अधिकांश बच्चे ट्राफिकिंग का ही शिकार होते हैं। ह्यूमन ट्रैफिकिंग हथियारों और ड्रग्स के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है। महिलाएं और बच्चे खास तौर इनके निशाने पर हैं। क्योंकि इनकी कमाई एक बड़ा हिस्सा देह व्यापार और बच्चों से बंधुआ मजदूरी के रास्ते आता है। संस्थान निदेशक ने कहा कि सरकार और प्रशासन के सहयोग से हम हाशिए के परिवारों की पहचान करेंगे और उनके बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ेंगे।


