कार लोन का पैसा हड़पने वाले इनामी पिता पुत्र उज्जैन से गिरफ्तार, पहले एआई की मदद से पकड़ा जा चुका है
फोटो- मकान बेचा, शहर बदला और नाम भी बदल लिया फिर भी पुलिस आरोपियों तक पहुंची - लोगों को बिना भागा-दौड़ी के कार लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी को दिया अंजाम- 15 साल से पुलिस की आंखों में धूल...

फोटो - मकान बेचा, शहर बदला और नाम भी बदल लिया फिर भी पुलिस आरोपियों तक पहुंची
- लोगों को बिना भागा-दौड़ी के कार लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी को दिया अंजाम
- 15 साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे थे आरोपी, पिता पर 50 और बेटे पर 25 हजार का इनाम घोषित था
कानपुर, दक्षिण संवाददाता。
आम जन को आसानी से कार लोन दिलाने का झांसा देकर खुद रकम हड़पने वाले शातिर इनामी पिता पुत्र को बर्रा पुलिस ने उज्जैन के नानाखेड़ा बस स्टैंड से गिरफ्तार किया। पिता पर 50 और बेटे पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था।इससे पूर्व लगभग 20 दिन पूर्व पुलिस ने इन्हीं आरोपी पिता पुत्र के एक साथी को एआई गांडीव एप की मदद से गिरफ्तार किया था। इस मामले में पूर्व में पुलिस दो अन्य लोगों को जेल भेजकर चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। इस तरह लोगों के साथ ठगी करने वाले इस पूरे नेक्सेस के सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस मामले में विवेचना को पूरा कर तीनों शातिरों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल करेगी।
जांच की प्रक्रिया
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि सन 2011 में बैंक आफ बड़ौदा की बर्रा-दो स्थित चंदेल मार्केट शाखा के प्रबंधक केवी त्रिपाठी ने गोविंदनगर के 14 ब्लाक निवासी हरीश्चंद्र अरोड़ा और रामआसरे नगर निवासी संतोष कुमार गुप्ता के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि सन 2009 में दोनों ने तत्कालीन बैंक कर्मचारी अभय कुमार के माध्यम से जीटी रोड स्थित मेसर्स क्रास रोड मोटर्स से कार खरीदने के लिए 3.50 लाख रुपये का ऋण लिया था।
फर्जी दस्तावेजों का खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कार के रजिस्ट्रेशन पेपर और बीमा बैंक में जमा नहीं किए। बैंक में जमा कराया गया कोटेशन भी फर्जी मिला। जांच के दौरान मेसर्स क्रास रोड मोटर्स नाम की फर्म दिए गए पते पर नहीं मिली। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मिलीभगत करके लोन की रकम ब्रह्मावर्त कारपोरेशन बैंक से चेक कैश कराकर हड़प ली थी।
गिरोह का भंडाफोड़
जांच में हरीश्चंद्र और संतोष के साथ संजय अग्रवाल, उसके बेटे राहुल अग्रवाल और मनोज सिंह के नाम सामने आए थे। गिरोह भोले-भाले लोगों को कार लोन कराने का झांसा देने के साथ फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऋण की रकम हड़प लेता था। वहीं जिनके नाम पर लोन होता था किश्ते चुकाने की जिम्मेदारी उनपर आ जाती थी。
एआई के जरिए मनोज पकड़ा गया था
पिता पुत्र की गिरफ्तारी से पूर्व 25 अगस्त को पुलिस ने एआई गांडीव एप के जरिए मनोज को गिरफ्तार किया था। इस फेस रेक्गनिशन एप के जरिए पुलिस ने आरोपी के चेहरे का मिलान कर गिरफ्तारी की थी। मनोज से पूछताछ के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी पिता पुत्र उज्जैन में रह रहे हैं। उसी से पुलिस को दो मोबाइल नम्बर भी मिले। जिसे ट्रेस करते हुए पुलिस आरोपी पिता पुत्र तक पहुंच गई।
अपराध छुपाने की कोशिश
नाम बदलकर रह रहा था आरोपी खरीद लिया था मकान
पुलिस ने उज्जैन के नानाखेड़ा स्थित तिरुपति हाईट निवासी संजय अग्रवाल उर्फ संजीव राज गोयल और उसके बेटे राहुल अग्रवाल को घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी साउथ के मुताबिक संजय अग्रवाल ने पुलिस को चकमा देने के लिए सबसे पहले उसने अपना फर्जी आधार कार्ड बनवाया। वो कानपुर से भागकर उज्जैन में बस गया था। वहां कुछ समय वो किराए के मकान में रहा फिर अपराध से अर्जित रकम से उसने फर्जी आधार कार्ड तैयार किया जिसमें खुद का नाम संजीव राज गोयल अंकित कराया। इसी नाम से उसने एक घर खरीदा और दोनों पिता पुत्र उसमें रहने लगे। संजय पर 50 हजार और राहुल पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। संजय उर्फ संजीव राज गोयल के खिलाफ बर्रा,रायपुरवा समेत अन्य थानों में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में 24 मुकदमे और राहुल पर 16 मामले दर्ज हैं।
पुलिस मामले में और करेगी विवेचना
डीसीपी ने बताया धोखाधड़ी के नेक्सेस का पूरा भंडाफोड़ कर दिया गया है। सभी आरोपी अब जेल भेजे जा चुके हैं। मनोज और आरोपी पिता पुत्र को लेकर और विवेचना करने के बाद पुलिस द्वारा पूरक चार्जशीट दाखिल करेगी।


