दुष्कर्मी पिता को अंतिम स्वांस तक कठोर कारावास की सजा
ललितपुर में एक पिता को अपनी नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने आरोपित पर 33 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने मज़बूत साक्ष्य पेश किए जो न्यायालय के लिए निर्णायक रहे।

ललितपुर। घर में मौजूद अकेली नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म करने वाले पिता को न्यायालय अपर जिला एवं सत्र/विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) नवनीत कुमार भारती ने प्राकृतिक जीवनकाल के लिए कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपित पर तैंतीस हजार रुपये अर्थदंड का भी प्रावधान किया गया। विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट नरेंद्र सिंह गौर ने मामले पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत एक मुहल्ला में रहने वाली महिला ने 13 दिसंबर 2023 को पुलिस अफसरों को सौंपी तहरीर में बताया था कि बीते दिनों वह अपने बेटे के साथ मजदूरी करने के लिए इन्दौर गयी थी।
घर पर उसकी नाबालिग पुत्री और उसका पति मौजूद थे। उसके पति रामू पुत्र स्वर्गीय प्यारेलाल ने अपनी ही बेटी के साथ दुष्कर्म किया। जब उसने रोका तो पिता ने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी थी। पुत्री से इसकी जानकारी मिलते ही वह घर लौट आई और पुलिस अफसरों को इस घटना से अवगत कराया। मामले को बेहद गम्भीरता से लेते हुए पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर वैज्ञानिक व तथ्यपरक साक्ष्यों को एकत्रित किया था। आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करके आरोपित पिता को गिरफ्तार करके न्यायालय के माध्यम से जेल भेजा था। पुलिस ने समयबद्ध ढंग से विवेचना पूरी कर न्यायालय में मजबूत आरोप पत्र दाखिल किया। कोतवाली सदर पुलिस, पैरवी टीम, कोर्ट मोहर्रिर और सरकारी वकील ने अदालत में मजबूत साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए न्यायालय अपर जिला एवं सत्र/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने पिता को अपनी ही पुत्री के साथ दुष्कर्म का दोषी पाया। न्यायाधीश नवनीत कुमार भारती ने दुष्कर्मी पिता रामू को अंतिम स्वांस तक आजीवन कठोर कारावास और 33 हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। जिसके बाद पुलिस ने दुष्कर्मी को हिरासत में लेकर जिला कारागार भेज दिया है।


