मां की हत्या में एक पुत्र ने पिता पर कराया केस, दूसरे ने बताया निर्दोष
मां की हत्या के आरोप में पिता को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। दोनों पुत्र और पुत्रवधू ने पिता के पक्ष में गवाही देते हुए दावा किया कि मां की मौत का कारण शॉर्ट सर्किट था। अभियोजन पक्ष हत्या का आरोप साबित करने में असफल रहा।

मां की हत्या के आरोप में पिता के खिलाफ एक पुत्र द्वारा दर्ज कराए मुकदमे में अदालत ने आरोपित को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। मुकदमे में आरोपित के दूसरे पुत्र और पुत्रवधू ने उसके पक्ष में गवाही दी। उन्होंने मां की मौत का कारण शॉर्ट सर्किट बताया। उनका कहना था कि मां को आग से बचाने के प्रयास में पिता भी झुलस गए थे। अदालत ने पथौली निवासी राकेश शर्मा को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए। आरोपित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद कुमार राजपूत ने तर्क दिए कि अभियोजन पक्ष हत्या का आरोप साबित करने में असफल रहा। मौके से पेट्रोल के बजाय हेक्जेन केमिकल से सना कॉटन स्लैब बरामद होने की बात कही गई थी। इसकी विधि विज्ञान प्रयोगशाला से जांच कराने संबंधी कोई रिपोर्ट भी अभियोजन पक्ष ने अदालत में पेश नहीं की।
मुकदमे का विवरण
वादी अर्जुन शर्मा ने थाना शाहगंज में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि 30 जनवरी 2024 की रात उसके पिता राकेश शर्मा ने उसकी मां अनीता शर्मा पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। शोर सुनकर वह और परिवार के अन्य लोग जागे तो मां आग से जल रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान उसके पिता घर से भाग गए। मां को उपचार के लिए एसएन अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बचाव पक्ष की गवाही
अभियोजन पक्ष की ओर से वादी अर्जुन शर्मा और विवेचक समेत छह गवाह पेश किए गए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से आरोपित के पुत्र करण शर्मा और उसकी पत्नी सपना ने बयान दिए। दोनों ने आरोपित को निर्दोष बताया। उनका कहना था कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। मां को बचाने के दौरान पिता भी झुलस गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संपत्ति अपने नाम कराने के लिए दबाव बनाकर पिता के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया।


