बेकाबू कार की टक्कर में सीना चीरकर पार हुई लोहे की रेलिंग, चालक की मौके पर मौत, परिवार के छह लोग घायल
दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क दुर्घटना में गोंडा निवासी सोनू की मौत हो गई जबकि उसके परिवार के छह सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना गजरौला में लोहे की रेलिंग से टकराने के कारण हुई। प्राथमिक जांच में चालक की नींद की झपकी को मुख्य वजह माना गया है।

दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर रविवार को भीषण हादसे में कार चालक की मौत हो गई, जबकि परिवार के छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गोंडा का यह परिवार कार से दिल्ली जा रहा था। गजरौला में कार हाईवे के किनारे लगी लोहे की रेलिंग से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि रेलिंग कार का अगला शीशा तोड़ते हुए चालक का सीना चीरकर सीट के पार निकल गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को राहगीरों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना की वजह चालक को नींद की झपकी आना माना जा रहा है। मूल रूप से गोंडा जनपद के तिहला गांव निवासी सोनू (28) पुत्र शेषनाथ दिल्ली में टैक्सी चलाता था। वह रविवार को कार से अपने पूरे परिवार को लेकर दिल्ली जा रहा था। कार में सोनू के अलावा उसकी पत्नी प्रिया पांडे, पिता शेषनाथ, बेटा आयुष, रिश्तेदार मनीषा और उनके दो बेटे देवांश व दिव्यांशु सवार थे। दोपहर में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर गजरौला के पास अचानक कार अनियंत्रित होकर साइड में लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग से जा टकराई.
हादसे की भयावहता
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोहे की मोटी रेलिंग टूटकर कार के अगले हिस्से को चीरती हुई सीधे चालक सोनू के सीने में घुस गई। रेलिंग सोनू के शरीर को वेधते हुए ड्राइविंग सीट को भी तोड़कर पीछे निकल गई। सोनू के सीने में लोहे का गाडर फंसा देख कार में मौजूद लहूलुहान परिजनों की चीख निकल गई। इस वीभत्स मंजर को देखकर मौके पर जुटे राहगीरों और ग्रामीणों की भी रूह कांप उठी.
सरकारी मदद
हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला और तत्काल सीएचसी भिजवाया, जहां गंभीर हालत में उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल में घायल परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि मृतक सोनू के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। परिजनों से तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.
क्षमता से अधिक सवारियां और झपकी बनी काल
इस दर्दनाक हादसे पर ट्रैफिक पुलिस ने भी चिंता जताई है। टीआई राजेंद्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कार की रफ्तार बेहद तेज थी और क्षमता से अधिक लोग (कुल 7 सवारियां) उसमें बैठे हुए थे। लंबी दूरी के सफर में चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते वह गाड़ी पर से नियंत्रण खो बैठा।
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