फास्टैग से सालाना 25,000 करोड़ का लाभ संभव
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 'फास्टैग' के पूर्ण लागू होने से सरकार को सालाना 25,000 करोड़ रुपये का लाभ हो सकता है। टोल बूथों पर बिना अवरोध के काम करने की योजना मार्च 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है। इस प्रक्रिया से टोल आय में 10 प्रतिशत और संचालन लागत में बड़ी कमी आएगी।

मुंबई, एजेंसी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली 'फास्टैग' को पूरी तरह लागू करने से सरकार को सालाना 25,000 करोड़ रुपये तक का लाभ हो सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी टोल बूथ मार्च 2027 तक बिना अवरोध के काम करने लगेंगे। गडकरी ने यहां वैश्विक फिनटेक सम्मेलन में कहा, कि फास्टैग के इस्तेमाल से टोल बूथों से होने वाली आय में 10 प्रतिशत यानी करीब 7,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है और यह अब 82,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। अभी जिन बिना अवरोध वाले टोल बूथों की व्यवस्था का परीक्षण किया जा रहा है, उनसे इसमें 10 प्रतिशत यानी 7,000-8,000 करोड़ रुपये की और वृद्धि होने की उम्मीद है।
इसके अलावा टोल बूथों के संचालन की लागत भी पहले के 12 प्रतिशत से घटकर दो-तीन प्रतिशत रह गई है।उन्होंने कहा कि इस साल दिसंबर के अंत तक 70 प्रतिशत से अधिक टोल बूथ बिना अवरोध के हो जाएंगे और अगले साल मार्च तक यह संख्या 100 प्रतिशत हो जाएगी। टोल बूथों पर वाहनों के फंसने की संभावना कम होने से वाहन मालिकों के समय की भी बचत होती है। अध्ययनों के अनुसार, केवल ईंधन की बचत से ही सालाना 5,250 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है।


