लोक परीक्षा अधिनियम के तहत लंबित मामलों की मांगी जानकारी
मुजफ्फरपुर में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन अधिनियम-2026 के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की मांग की गई है। सरकार लोक परीक्षाओं में कठोरता बरतने का प्रयास कर रही है। नीट पेपर लीक के बाद से यह अधिनियम लागू किया गया है, जिससे परीक्षा में कदाचार और अनुचित साधनों को रोकने के लिए कोर्ट गठित किया जाना है।

मुजफ्फरपुर, हिप्र। लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन अधिनियम-2026 के तहत जिले में गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय विभाग के निर्देश पर राज्य सरकार के विशेष सचिव वासनी शंकर मेहरोत्रा ने इसके लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र भेजा है। इसमें यह भी जानकारी देनी है कि इस अधिनियम के तहत कोर्ट में कितने मामले लंबित हैं। लोक अभियोजक अजय कुमार ने बताया कि लोक परीक्षा को लेकर बनाए गए अधिनियम के प्रति सरकार गंभीर है। इस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की जल्द सुनवाई कराने को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किया जाना है। फिलहाल जिले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन नहीं हुआ है।
लोक परीक्षाओं को लेकर सरकार सख्त :
नीट पेपर लीक के बाद पूरे देश में बवाल मचा था। नीट सहित अन्य प्रतियोगिता परीक्षा को स्वच्छ तरीके से संपन्न कराने के लिए वर्ष जुलाई में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम बनाया है। यह अधिनियम काफी कठोर है। इसका उद्देश्य प्रतियोगिता परीक्षाओं में पेपर लीक, कदाचार व अनुचित साधनों के उपयोग को कठोरता से रोकना है। इन मामलों की सुनवाई के लिए जिलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किया जाना है।


