विवाहिता की हत्या में पति को 10, सास-ससुर को सात-सात की कैद
फास्ट ट्रैक कोर्ट और महिलाओं से संबंधित अपराध की न्यायाधीश नेहा गर्ग ने सुनाई सजाफास्ट ट्रैक कोर्ट और महिलाओं से संबंधित अपराध की न्यायाधीश नेहा गर्ग

बदायूं, विधि संवाददाता। फास्ट ट्रैक कोर्ट और महिलाओं से संबंधित अपराध की न्यायाधीश नेहा गर्ग ने दहेज उत्पीड़न और हत्या करने में आरोपी पति के साथ सास और ससुर को दोषी माना है। न्यायाधीश ने दोषी पति को 10 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का हुक्म दिया। इसी मामले में दोषी सास और ससुर को सात-सात साल की कैद और 20-20 हजार रुपए जुर्माने अदा करने का आदेश दिया। अपर शासकीय अधिवक्ता मदनलाल राजपूत के अनुसार वादी मुकदमा पूरन ने सहसवान कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को तहरीर दी। उसने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी रेखा पुत्री पूरन निवासी ग्राम सदाठेर थाना कादरचौक की शादी मुकेश पुत्र किशोरी लाल निवासी ग्राम समदा कोतवाली सहसवान के साथ 2016 में की थी।
शादी के कुछ महीने बाद से ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर बेटी के साथ मारपीट करने लगे। सात जून 2021 को बेटा कप्तान अपनी शादी का कार्ड देने बहन के घर समदा गया तो रेखा ने उसे बताया कि पति मुकेश सास पार्वती, ससुर किशोरी लाल, देवर जुगेश और ननद पिंकी उसे आए दिन बाइक और एक लाख रुपए की मांग करते हैं। इसके बाद आठ जून को बेटा वापस घर आया। 10 जून को बेटे को मुकेश ने पूर्वाह्न 11 बजे बताया कि रेखा उसके घर जा रही है, लेकिन शाम पांच बजे तक बेटी जब घर नहीं पहुंची तब आशंका हुई। बेटे कप्तान को उसी दिन लड़की के ससुराल भेजा तो घर में ताला लगा था। पड़ोसियों से पूछा तो बताया, सभी लोग बहुत जल्दी में लग रहे थे और ताला लगाकर कहीं भाग गए हैं। तब मुझे बेटी की हत्या की शंका हुई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की। चार्जशीट न्यायालय में पेश की। न्यायालय में पति मुकेश पुत्र किशोरी लाल, सास पार्वती पत्नी किशोरी लाल, ससुर किशोरी लाल पुत्र वेनी राम निवासी गण समदा कोतवाली सहसवान पर दहेज के कारण रेखा की हत्या करने की आरोप का मुकदमा चलाया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के पश्चात उक्त आरोपीयों को दोषी पाते हुए उन्हें सजा सुनाई है।


