इचाक में सहकारिता सप्ताह पर किसान गोष्ठी
इचाक में सहकारिता सप्ताह के तहत आयोजित किसान गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक तकनीक और संतुलित उर्वरक प्रबंधन के लाभ बताए। इफको के क्षेत्र प्रबंधक ने नैनो उर्वरकों के उपयोग और धान की वैज्ञानिक खेती पर जोर दिया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जागरूक किया गया।

इचाक, प्रतिनिधि। सहकारिता सप्ताह के उपलक्ष्य में प्रखंड पंचायत भवन में आयोजित किसान गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक तकनीक और संतुलित उर्वरक प्रबंधन का मंत्र दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती, नैनो उर्वरकों के लाभ और जैविक उत्पादों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इफको के क्षेत्र प्रबंधक चंदन कुमार ने कहा कि आज के दौर में रसायनों का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है। उन्होंने खरीफ सीजन में धान की वैज्ञानिक खेती पर प्रकाश डालते हुए जिंक, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और सागरिका के प्रयोग को अनिवार्य बताया। उन्होंने किसानों से विशेष अपील की कि धान की बुवाई से पहले बीजों का नैनो डीएपी से उपचार अवश्य करें।
इससे न केवल पौधों की प्रारंभिक वृद्धि बेहतर होती है, बल्कि पोषक तत्वों की उपलब्धता भी बढ़ती है।प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार ने किसानों को नैनो उर्वरकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि संतुलित खाद के प्रयोग से किसान न केवल खेती की लागत कम कर सकते हैं, बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य को भी लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।व्यापार मंडल अध्यक्ष जोगेश्वर मेहता ने आश्वासन दिया कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बीज के साथ नैनो डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।गोष्ठी में प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी आनंद तिर्की, बीटीएम पुष्पा कुमारी, इफको के एजीटी गौतम कुमार, एसएफए भानु प्रताप सहित विभिन्न पैक्स अध्यक्षों में परबील मेहता, कंचन मेहता, राजेश मेहता, रमेश हेम्ब्रम, शिवशंकर पांडेय और शिक्षक राजबल्लभ मेहता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रगतिशील महिला एवं पुरुष किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों की बारीकियों को समझा।


