फसलों का करा लीजिए बीमा, 31 अगस्त तक मिलेगा मौका
जिले में खरीफ सीजन की फसलें खेतों में लहलहा रही हैं। 31 अगस्त तक फसल बीमा कराने की अंतिम अवधि है। किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बीमा कराना आवश्यक है। एचडीएफसी ईआर जनरल इंश्योरेंस कंपनी को इसके लिए अधिकृत किया गया है।

जिले में खरीफ सीजन की फसलें खेतों में लहलहा रही हैं। लेकिन प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की चिंता किसानों को सताती रहती है। सूखे की आहट भी है। ऐसे में किसान अपनी धान, मक्का और बाजरा की फसल का बीमा कराकर नुकसान की भरपाई का सुरक्षा कवच ले सकते हैं। फसल का बीमा कराने के लिए 31 अगस्त अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। साथ ही जिन किसानों ने बैंकों से फसली ऋण लिया है वह किसान बैंकों में 24 अगस्त तक फसल बीमा न कराने के लिए सूचना दे दें, अन्यथा उनका स्वत: ही बैंक द्वारा बीमा कर दिया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित है। इस योजना के तहत फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है। जिले में इस बार 64 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में धान की फसल खड़ी है। वहीं बाजरा और मक्का की फसलें भी खेतों में तैयार हो रही हैं। किसान इन फसलों को सूखा, बाढ़, अत्यधिक बारिश, ओलावृष्टि, भूस्खलन, कीट और रोग जैसी परिस्थितियों में फसल को नुकसान होने से बचाने के लिए बीमा करा लें। फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है। खरीफ सीजन की फसल बीमा के लिए किसानों को दो प्रतिशत प्रीमियम राशि जमा करनी होगी.
किसान न करें अंतिम तारीख का इंतजार
जिले में फसल बीमा के लिए एचडीएफसी ईआर जनरल इंश्योरेंस कंपनी अधिकृत है। बीमा कंपनी के जिला प्रतिनिधि उमेश कुमार ने बताया कि फसल खेत में खड़ी है तो जोखिम भी साथ है। प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए फसल बीमा जरूरी है। किसान अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपनी फसल का बीमा करा लें। इसके लिए किसान नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.
फसल बीमा को किसानों के लिए निर्धारित दरें-
-धान के लिए 1782 रुपये प्रति हेक्टेयर
-मक्का के लिए 1348 रुपये प्रति हेक्टेयर
-बाजरा के लिए 1284 रुपये प्रति हेक्टेयर


