गौरीपुर एवं गुणघासा में जलवायु अनुकूल खेती पर प्रशिक्षण
गोड्डा में ग्रामीण विकास ट्रस्ट और कृषि विज्ञान केन्द्र ने निकरा परियोजना के तहत किसानों को जलवायु अनुकूल खेती पर प्रशिक्षण दिया। डॉ. रवि शंकर ने मडुआ और अरहर की उन्नत खेती की सलाह दी। धान की कम अवधि वाली प्रजातियों की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण में किसानों को बीज प्रदान किए गए।

गोड्डा, प्रतिनिधि। ग्रामीण विकास ट्रस्ट - कृषि विज्ञान केन्द्र, गोड्डा के सौजन्य से पोराईयाहाट प्रखंड के निकरा ग्राम गौरीपुर एवं गुणघासा में निकरा परियोजना के अंतर्गत किसानों को जलवायु अनुकूल खेती पर प्रशिक्षण दिया गया। वरीय वैज्ञानिक - सह- प्रधान डॉ. रवि शंकर ने किसानों को सलाह दिया कि मौसम को देखते हुए ऊपरी जमीन में मडुआ की उन्नत खेती करें तथा अरहर की उन्नत खेती भी कर सकते हैं। मध्यम जमीन और निचली जमीन में मेंड़बंदी कर लें ताकि बारिश होने पर पानी खेत में संरक्षित रह सके और नमी बरकरार रहे। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. हेमंत कुमार चौरसिया ने बताया कि कम अवधि एवं सूखा सहन करने वाले धान की प्रजाति सहभागी का बिचड़ा अलग - अलग दिन में तैयार करें।
स्वर्णा प्रजाति के धान को अब लगाने की जरूरत नहीं हैं। पौधा सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. सूर्य भूषण ने कहा कि खेत बचने पर विकल्प के तौर पर कुल्थी एवं उड़द की भी उन्नत खेती अगस्त माह में कर सकते हैं। प्रशिक्षण के उपरांत प्रगतिशील किसानों को मडुआ (प्रजाति: ए 404), धान (प्रजाति: सहभागी) एवं अरहर (प्रजाति: आईपीए- 15-02) के बीज प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में प्रकाश बेसरा, सेरॉफीना बेसरा, सुहागिनी किस्कू, प्रतिभा किस्कू, लतिशिया हेम्ब्रोम आदि उपस्थित थे।


