ट्रैक्टर परेड में गड़बड़ी के लिए पाकिस्तान से चलाए जा रहे हैं 308 ट्विटर हैंडल, दिल्ली पुलिस का दावा
दिल्ली पुलिस ने रविवार को दावा किया कि गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड को बाधित करने के लिए पाकिस्तान से 300 से अधिक ट्विटर खाते बनाए गए हैं। ट्रैक्टर परेड से संबंधित...

दिल्ली पुलिस ने रविवार को दावा किया कि गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड को बाधित करने के लिए पाकिस्तान से 300 से अधिक ट्विटर खाते बनाए गए हैं। ट्रैक्टर परेड से संबंधित विस्तृत योजना के संबंध में विशेष पुलिस आयुक्त (खुफिया) दीपेंद्र पाठक ने कहा कि मंगलवार को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद कड़ी सुरक्षा में ट्रैक्टर परेड निकाली जाएगी।
पाठक ने प्रेसवार्ता में कहा, ''किसानों की ट्रैक्टर परेड को बाधित करने के लिए पाकिस्तान से 13 से 18 जनवरी के दौरान 300 से भी अधिक ट्विटर अकाउंट बनाए गए हैं। इस संबंध में विभिन्न एजेंसियों से एक ही प्रकार की जानकारी प्राप्त हुई है। यह हमारे लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। हालांकि, गणतंत्र दिवस परेड समाप्त होने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रैक्टर परेड निकाली जाएगी।''
Through intelligence & various other agencies, we have continuously been getting inputs regarding threat to create disturbance in the tractor rally. 308 Twitter handles have been generated from Pakistan to create confusion: Dependra Pathak, Special CP, Intelligence, Delhi Police pic.twitter.com/hD1TSXil77
वहीं प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों के संयुक्त मोर्चे 'संयुक्त किसान मोर्चा' (एसकेएम) के एक सदस्य ने कहा कि गणतंत्र दिवस ट्रैक्टर परेड की शुरुआत दिल्ली के पांच सीमा बिंदुओं - सिंघु, टिकरी, गाजीपुर, पलवल और शाहजहांपुर से होने की संभावना है - जहां किसान पिछले साल 28 नवंबर से डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर परेड राजपथ पर आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड की समाप्ति के बाद शुरू होगी और शाम 6 बजे के करीब समाप्त होने से पहले 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी।
उल्लेखनीय है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें से अधिकतर पंजाब, हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हैं। किसान संगठनों का आरोप है कि नए कृषि कानूनों से मंडी और एमएसपी खरीद की व्यवस्था समाप्त हो जाएंगी तथा किसान बड़े कॉरपोरेट घरानों की दया पर निर्भर हो जाएंगे।
इससे पहले पुलिस ने किसान संगठनों के नेताओं से राष्ट्रीय राजधानी से बाहर ट्रैक्टर परेड निकालने का अनुरोध किया था, लेकिन वे दिल्ली के बाहरी रिंग रोड पर ही परेड के लिए अड़े हुए थे। पुलिस और किसानों के बीच हुई चौथे दौर की बातचीत में दोनों पक्षों के बीच परेड पर सहमति बनी थी।
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