इस बार भी एसएमएस से मिलेगी गन्ना पर्ची
आगामी पेराई सत्र में किसानों को अब सीधे एसएमएस के जरिए गन्ना आपूर्ति पर्ची मिलेगी। कागज पर पर्ची जारी नहीं होगी। शुगर मिलें अक्तूबर के अंत तक संचालित होने की उम्मीद कर रही हैं। गन्ना किसानों को समितियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सभी समितियों में आईटी सेल बन चुके हैं।

आगामी पेराई सत्र में किसानों को सीधे उनके मोबाइल पर एसएसएम के जरिए गन्ना आपूर्ति पर्ची मिलेंगी। कागज पर अलग से पर्ची जारी नहीं होंगी। ऑनलाइन पर्ची से ही गन्ने की तौल की जाएगी। शुगर मिलों ने आगामी पराई सत्र को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। अक्तूबर के आखिरी सप्ताह तक शुगर मिलें संचालित होने की उम्मीद है। गन्ना विभाग भी तैयारियां को पूरा कर रहा है। गन्ना किसानों को ई-कैलेंडर जारी किए जाएंगे। एसएमएस के जरिए गन्ना आपूर्ति की पर्ची दी जाएगी। किसानों को समितियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सभी समितियों पर आईटी सेल बन चुके हैं। जिले में इस बार एक लाख से अधिक हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की उपज तैयार हो रही है।
गन्ना समितियों में कुल दो लाख से अधिक किसान सदस्य हैं। डीसीओ मनोज कुमार सिंह के मुताबिक गन्ना आपूर्ति पर्चियों का निर्गमन शत प्रतिशत ऑनलाइन कराने की व्यवस्था लागू की जा रही है। किसानों को अपनी गन्ना सोसायटी में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके लिए सभी समितियों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। .


