अगेती मटर खेती करने में जी-जान से जुटे किसान
अगेती मटर खेती करने में जी-जान से जुटे किसान अगेती मटर खेती करने में जी-जान से जुटे किसान अगेती मटर खेती करने में जी-जान से जुटे किसान अगेती मटर खेती

भदोही, संवाददाता। मटर की खेती कर कृषक ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। इस वर्ष जिले में करीब 1350 हेक्टेयर मटर की खेती होगी। जिले के छहों ब्लाक में बने बीज केंद्रों पर शीघ्र ही मटर का बीज वितरण होना शुरु हो जाएगा। 50 फीसदी कृषक अंश जमा कर बीज किसान प्राप्त कर सकते हैं। अगेती खेती करने में किसान जी-जान से जुट गए हैं। जिला कृषि अधिकारी ईरम ने बताया कि इस वर्ष जिले में करीब 1350 हेक्टेयर में मटर की खेती किसान करेंगे। लक्ष्य के सापेक्ष मटर की बीज भी केंद्रों पर शीघ्र ही आ जाएगी। पंजीकृत किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान भी मिलेगी।
सब्जी मटर की अगेती फसल में काशी, कानी नंदनी व मुख्य समय प्रजाति आजाद मटर तीन व काशी उदय व काशी शक्ति है। अगेती मटर की बुवाई 25 सितंबर से 25 अक्टूबर तक हो जाना चाहिए। मटर फसल की सिंचाई नवंबर माह में फूल आने पर फुहारा विधि से करना चाहिए। मटर फसल का बीज शोधन किसान जरुर करें ताकि अच्छी पैदावार कर सकें। अगेती में मटर की खेती करने वाले अन्नदाता 40 किलो प्रति बीघा की दर से बुवाई करें। प्रति किलो मटर की बीज में 2.5 ग्राम कार्बेंडाजिम या छह-सात ग्राम ट्राइकोडरमा डालकर बीज सोधन करें। मटर की फसल तैयार होने पर किसी बीमारी का लक्षण दिखते तो तत्काल कृषि वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों से किसान सलाह लें। अगेती मटर की खासियत होती है कि यह 50 से 60 दिन में ही तैयार हो जाता है।इनसेट


