कृषि पदाधिकारी की सख्ती के बाद बाजार से यूरिया गायब, किसान परेशान
बिरनी, प्रखंड क्षेत्र में किसानों की यूरिया खाद की कमी बढ़ती जा रही है। लाइसेंसी दुकानदारों द्वारा यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है। कृषि पदाधिकारी ने उचित मूल्य पर यूरिया बेचने का निर्देश दिया, लेकिन फिर भी किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। आवश्यक खाद उपलब्ध नहीं होने से उनकी खेती प्रभावित हो रही है।

बिरनी, प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र में यूरिया खाद को लेकर किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों को इस समय धान में डालने के लिए यूरिया खाद की जरूरत है लेकिन बाजार से यूरिया खाद के गायब होने की वजह से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुरेंद्र महतो को किसानों ने शिकायत की थी कि प्रखंड की लाइसेंसी दुकानों द्वारा यूरिया खाद की कालाबाजारी की जा रही है। वेलोग उसे दोगुने दाम में यूरिया की बिक्री कर रहे हैं। जिसके बाद कृषि पदाधिकारी ने क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए सभी दुकानदारों को सरकारी दर 266 रुपए पर यूरिया बेचने का निर्देश दिया था। जिसके बाद से दुकानों में यूरिया मिलना बंद हो गया है। लाइसेंसी दुकानों के अलावा गैर लाइसेंसी दुकानों में पहले तो कहा जाता है कि यूरिया है ही नहीं। काफी कहने पर कहा जाता है एक पैकेट है आपको दे रहे हैं किसी को बताना नहीं। उसके बाद तिगुने दाम पर किसान यूरिया खाद खरीदने को मजबूर हैं। वह भी उन किसानों को यूरिया मिल रहा है जो थोड़ा चालाकी करते हैं और दुकानदारों की मनमर्जी से पैसा देने को तैयार होते हैं।
सरकारी दर पर बिक्री का दिया गया था निर्देश
प्रखंड के कुछ किसान सरकारी दर पर यूरिया नहीं मिलने की शिकायत डीसी से की थी। जिसके बाद डीसी ने एसडीएम एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए सरकारी दर 266 रुपये में किसानों को यूरिया उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। मामले को लेकर कृषि पदाधिकारी ने प्रखंड क्षेत्र के सभी लाइसेंसी दुकानों का औचक निरीक्षण कर किसानों को सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इस दौरान कई दुकानों में गड़बड़ी भी पाई गई थी जिस पर कार्रवाई के लिए जिला कृषि पदाधिकारी को भी लिखा गया था। किसानों का कहना है कि सरकारी दर पर खाद बेचने के निर्देश के बाद बाजार में यूरिया की उपलब्धता कम हो गई है। इससे किसानों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। थोड़ी बहुत बारिश के बाद इस समय यूरिया की जरूरत अधिक है। खाद के लिए किसान काफी चक्कर काट रहे हैं परंतु बाजार में खाद है ही नहीं का बहाना बना कर किसानों को दुकानदार लौटा रहे हैं।
खाद उपलब्ध कराने की मांग
किसानों ने कृषि विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड क्षेत्र के सभी लाइसेंसी खाद दुकानों की जांच कराने की मांग की है। किसान सुधीर वर्मा, अशोक कुशवाहा,अंकित वर्मा, महेश वर्मा, सुखदेव मोदी, राजू वर्मा, मन्नू वर्मा, बैकुंठ वर्मा, विनोद वर्मा, राजेंद्र वर्मा, श्रवण वर्मा एवं रोहित कुशवाहा का कहना है कि दुकानों में उपलब्ध खाद का स्टॉक और बिक्री की जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यूरिया बाजार में उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को क्यों नहीं मिल रहा है। किसानों ने प्रशासन से सरकारी दर पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से उनकी मेहनत और खेती दोनों प्रभावित हो सकती है।


