DA Image
30 मार्च, 2021|12:27|IST

अगली स्टोरी

राकेश टिकैत बोले- सरकार से वार्ता के बाद किसानों की आज होने वाली ट्रैक्टर रैली रद्द, आंदोलन रहेगा जारी

1 / 2भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत

2 / 2कृषि मंत्री तोमर

PreviousNext

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ एक माह से आंदोलन कर रहे किसान पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार भी झुकने को तैयार नहीं दिख रही। केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच छठे दौर की वार्ता बुधवार को हुई, जिसके बाद एक बार फिर से 4 जनवरी को बातचीत होगी। इस बैठक में सरकार ने किसानों से कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया है। 

LIVE UPDATES

- गाजीपुर : भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हम कुछ तो संतुष्ट है। दो मांगों को मान लिया गया है। अगली बैठक में हम MSP और 3 कानूनों को लेकर सरकार से बात करेंगे। कल की ट्रैक्टर रैली को हमने स्थगित कर दिया है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।

- गाजीपुर : नए कृषि कानूनों को लेकर जारी किसान आंदोलन के बीच बुधवार को एक किसान की बेटी ने धरनास्थल पर ही केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया।  

- सिंघु बॉर्डर : तीन कृषि कानूनों पर गतिरोध अब खत्म हो रहा है। हालांकि, हम एमएसपी पर उनके साथ आम सहमति नहीं बना सके। पराली जलाने के मुद्दे पर सरकार ने किसानों को जुर्माने से बाहर करने पर सहमति व्यक्त की है। बिजली के मुद्दे पर सरकार ने पावर बिल 2020 को वापस ले लिया है : क्रांति किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल

- सरकार ने बिजली के प्रस्तावित बिल को वापस ले लिया है। पराली के मामले में सरकार ने अध्यादेश जारी किया था, उसे भी वापस ले लिया है। MSP और कृषि कानूनों पर 4 तारीख को बात होगी : बलकरण सिंह बराड़, ऑल इंडिया किसान सभा पंजाब

- सरकार ने 2 मांग मान ली हैं। हमारे 2 विषय रह गए हैं- MSP और 3 कृषि क़ानून। इन दोनों विषय पर 4 तारीख को 2 बजे बात होगी। आज बहुत अच्छे माहौल में बैठक हुई : बलविंदर सिंह, अध्यक्ष माझा किसान संघर्ष कमेटी, पंजाब

- नरेंद्र सिंह तोमर ने आगे कहा कि कृषि कानूनों और एमएसपी पर कानून को लेकर चर्चा खत्म नहीं हुई है। इसके लिए फिर से चार जनवरी को बैठक होगी। तोमर ने कहा, ''सर्दी का मौसम है, इसलिए किसानों को बुजुर्गों और बच्चों को घर जाने के लिए कहना चाहिए। यह भी किसान संगठनों से मैंने कहा है।''

- बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ''आज की बैठक पहले की तरह बहुत अच्छे वातावरण में हुई। आज की बैठक में किसान संगठनों के नेताओं ने जो चार विषय चर्चा के लिए रखे थे, उसमें दो मुद्दों पर रजामंदी हो गई है। पहला- पराली को लेकर और दूसरा- बिजली कानून।''

- सरकार और किसान संगठनों के बीच छठे दौर की बैठक खत्म। 4 जनवरी को फिर से होगी वार्ता।

- गाजीपुर : भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए मामले को सुलझाना चाहती है तो यह अच्छी बात है। किसान तो बातचीत के लिए तैयार हैं। किसान बातचीत में अड़चन पैदा नहीं कर रहे हैं। बॉर्डर सील होने से जनता को नुकसान हो रहा है। यह हमारी मजबूरी है, अपनी बात कहां रखें?

- दिल्ली : AAP नेता राघव चड्ढा ने कहा कि सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों के लिए हमने लंगर से लेकर कंबल की सेवा मुहैया कराई है। आज हम यहां फ्री वाई-फाई स्थापित हुआ है कि नहीं ये देखने आए हैं क्योंकि यहां के किसानों ने सिग्नल कमी की शिकायत की थी।

- दिल्ली : कृषि कानूनों पर चर्चा के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और नरेंद्र सिंह तोमर ने विज्ञान भवन में लंच ब्रेक के दौरान किसान नेताओं के साथ भोजन किया।

- दिल्ली : केंद्रीय मंत्रियों से वार्ता के दौरान किसान नेताओं ने आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों के लिए न्याय और मुआवजे की मांग की है।

- दिल्ली : एक कार सेवा टेम्पो किसानों के लिए खाना लेकर विज्ञान भवन पहुंचा।

- दिल्ली : कृषि कानूनों पर किसान नेताओं के साथ आगे की वार्ता के लिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल विज्ञान भवन पहुंचे।

- गाजीपुर बॉर्डर (यूपी-दिल्ली बॉर्डर) पर डटे भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यह वैचारिक क्रांति पूरे देश की आवाज है। किसान वापस नहीं लौटेंगे। किसान खुद भूखा रह लेगा, लेकिन पड़ोसियों को भूखा नहीं सोने देगा।

- दिल्ली : बुराड़ी ग्राउंड से फरीदकोट (पंजाब)के जिला प्रधान बिंदर सिंह गोले वाला ने कहा कि आज दो बजे बैठक होगी। इस बैठक से हमें तो ज्यादा उम्मीद नहीं है, लेकिन इस साल इस कानून पर फैसला हो जाए तो ये हमारे और सरकार के लिए अच्छा होगा। जब कानून रद्द होगा हम तभी यहां से जाएंगे वरना नए साल पर भी यही रहेंगे।

-किसान नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार से बातचीत के लिए विज्ञान भवन पहुंचा एक किसान नेता ने कहा "हमारा रुख स्पष्ट है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाना चाहिए।

-तीन कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार के साथ बातचीत करने के लिए किसान नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल सिंघु बॉर्डर से रवाना हुआ। केंद्र सरकार आज प्रदर्शनकारी किसानों के साथ छठे दौर की वार्ता करेगी।

-किसान मजदूर संघर्ष समिति के संयुक्त सचिव सुखविंदर सिंह साबरा ने कहा कि किसानों और सरकार के बीच पांच दौर की बातचीत हुई है। हमें नहीं लगता कि हम आज भी किसी समाधान तक पहुंचेंगे। तीन कृषि कानूनों को निरस्त किया जाना चाहिए। 

- सरकार और किसानों की वार्ता पर वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कहा कि- हमें उम्मीद है कि किसानों से बातचीत निर्णायक होगी। एमएसपी सहित सभी मुद्दों पर खुले दिल से बात की जाएगी। मुझे उम्मीद है कि किसानों का आंदोलन आज समाप्त हो रहा है। 

-गाजीपुर सीमा पर भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा कि यह जरूरी है कि देश में मजबूत विपक्ष हो, जिससे सरकार को डर हो लेकिन यहां वे नहीं हैं। इसी कारण किसानों को सड़कों पर आना पड़ा। विपक्ष को खेत में, सड़कों पर खड़े टेंट और स्टेज पर विरोध प्रदर्शन करना चाहिए। 

-केंद्र ने सोमवार को आंदोलन कर रहे 40 किसान संगठनों को सभी प्रासंगिक मुद्दों का तार्किक हल खोजने के लिए 30 दिसंबर को अगले दौर की बातचीत के लिए आमंत्रित किया।  लेकिन किसान यूनियनों का प्रतिनिधित्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा ने मंगलवार को केंद्र को लिखे पत्र में कहा कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के तौर-तरीकों एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने का मुद्दा वार्ता के एजेंडे का हिस्सा होना ही चाहिए।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:FARmers protest LIVE updates government will again talk to farmers today who are protesting against farm laws