स्मार्ट सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में एकजुट हो रहे किसान
हरदा, एक संवाददाता। केनगर प्रखंड के गोआसी गांव में सोमवार को किसानों की एक बैठक की गई, जिसमें स्मार्ट सिटी, कार्गो सिटी एवं एयरो सिटी परियोजना के

हरदा, एक संवाददाता। केनगर प्रखंड के गोआसी गांव में सोमवार को किसानों की एक बैठक की गई, जिसमें स्मार्ट सिटी, कार्गो सिटी एवं एयरो सिटी परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में किसानों ने भूमि खरीद-बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध का विरोध करते हुए अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित आंदोलन चलाने का निर्णय लिया। बैठक की अध्यक्षता किसान नेता इस्लामुद्दीन ने की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी के नाम पर किसानों की जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाना किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि पहले हवाई अड्डा निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहित की गई और अब स्मार्ट सिटी, कार्गो सिटी तथा एयरो सिटी के नाम पर 53 मौजों की करीब 26 हजार एकड़ भूमि को अधिग्रहण की प्रक्रिया में शामिल किए जाने की चर्चा से किसान चिंतित हैं।
किसान नेताओं ने कहा कि यदि बड़ी मात्रा में कृषि भूमि अधिग्रहित की जाती है तो क्षेत्र के हजारों किसान और खेतिहर मजदूरों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने मांग की कि यदि सरकार भूमि अधिग्रहण करती है तो किसानों को वर्तमान बाजार मूल्य से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाए तथा उनके पुनर्वास एवं रोजगार की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसान नेता अनिरुद्ध मेहता, कलानंद सिंह, अविनाश पासवान, धीरेंद्र यादव, सुभाष चंद्र दास और सुनील यादव ने कहा कि किसानों को अपनी जमीन बचाने के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मौजा में किसानों की समिति गठित कर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाया जाएगा। पूर्व पंचायत समिति सदस्य नोमान आलम, कपिल खान, शत्रुघ्न यादव, बिजेंद्र झा, ओमप्रकाश मेहता, दिलीप पासवान, कृष्णदेव पासवान, बिपिन कुमार भारती ने कहा कि संवैधानिक रूप से हक के लिए लड़ाई लड़ेंगे। जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक के कारण कई परिवारों को बच्चों की शिक्षा, शादी-विवाह और गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने सरकार से प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने तथा किसानों की समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की। बैठक में सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।


