हरिद्वार में किसानों का तीन दिवसीय धरना स्थगित, एडीएम को सौंपा ज्ञापन
हरिद्वार में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का तीन दिवसीय धरना स्थगित हो गया। किसान मुख्यमंत्री पर वादा खिलाफी और अपनी मांगों के लिए धरना दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही। किसानों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा और गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग की।
हरिद्वार। रोशनाबाद स्थित जिला मुख्यालय पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का तीन दिवसीय धरना स्थगित हो गया। किसान अपनी कई मांगो और मुख्यमंत्री पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए धरना दे रहे थे। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री जो वादा करते हैं उसे पूरा नहीं करते। सरकार सिर्फ आश्वासन पर चल रही है। इस दौरान किसानों ने सात सूत्रीय ज्ञापन एडीएम वैभव गुप्ता को सौंपा। गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, सूबा सिंह ढिल्लों ने कहा कि सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करे। बार बार अपनी मांगों के लिए धरना देना पड़ता है। पिछले वर्ष टोल प्लाजा पर लाठीचार्ज हुआ था तब भी मुख्यमंत्री ने सिर्फ आश्वासन दिया था।
सरकार किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है जिसके कारण किसानों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गन्ने का दाम 800 रुपए क्विंटल किया जाए। जब चीनी, इथेनॉल के दाम बढ़ सकते हैं तो गन्ने के दाम भी बढ़ने चाहिए। किसानों को भी लाभ मिलना चाहिए। पहाड़ के किसानों की चकबंदी हो और जंगली जानवरों की नसबंदी हो। वन गुर्जरो को टीन की छत डालने और किसानों को गोबर लाने की अनुमति मिले। जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री, जिला उपाध्यक्ष आकाश सचदेवा ने कहा कि सरकार किसानों को परेशान करना बंद करे। किसान देश का अन्नदाता है उसकी मांगो को गंभीरता से लिया जाए। स्मार्ट मीटर का विरोध जारी रहेगा। जब स्मार्ट मीटर का किसान विरोध कर रहे हैं तो सरकार जबरदस्ती लगाने पर किसलिए दबाव बना रही है। यह एक गुलामी योजना है। किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। ऊर्जा प्रदेश होने के बाद भी बिजली फ्री नहीं मिलना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। पटवारियों को गांव में सप्ताह में तीन दिन बैठने के आदेश दिए जाएं। ट्यूबवेल का बिल अन्य प्रदेशों की तरह फ्री किया जाए। इस अवसर पर गढ़वाल मंडल महासचिव प्रदीप चौधरी, युवा मंडल अध्यक्ष पंकज चौधरी, तहसील अध्यक्ष अभिजीत सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जितेंद्र, हरविंदर सिंह, चौधरी राम कुमार, लव कुमार, चौधरी रामधन, चौधरी देवपाल, चौधरी कालूराम, राकेश तोमर, मोनू चौधरी, सतीश कुमार, संजय चौहान, वेदपाल पँवार, सुनील चौधरी, उदय त्यागी, रवि कुमार, पाई चेची, हनीफ, इरशाद, शमशाद, मो. शफी, घुम्मन, यामीन, ज्योति, राजेश्वरी, नईम, इरफान, इंतजा, विपुल कुमार आदि सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।


