चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर डटे किसान, हफ्ते भर चलेगा प्रदर्शन
चंडीगढ़ में संयुक्त किसान मोर्चा के तहत किसानों ने अपने विभिन्न मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन शुरू किया। यह प्रदर्शन 7 सितंबर तक चलेगा और इसमें कई किसान संगठन शामिल हैं। मुख्य मांगें न्यूनतम समर्थन मूल्य, अमेरिका से व्यापार समझौते का विरोध, और विद्युत संशोधन विधेयक को वापस लेना शामिल हैं।

चंडीगढ़, एजेंसी। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले किसानों ने मंगलवार को चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर एक हफ्ते तक चलने वाला विरोध प्रदर्शन शुरू किया। यह प्रदर्शन कई मांगों के समर्थन में किया जा रहा है जिनमें प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध भी शामिल है। पंजाब के कई हिस्सों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में राशन और जरूरी सामान लेकर विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर पहुंचे। इस विरोध-प्रदर्शन में कई किसान संगठन हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल), बीकेयू (राजेवाल), बीकेयू (डकौंदा) और कीर्ति किसान यूनियन शामिल हैं। यह प्रदर्शन 7 सितंबर तक चलेगा। एसकेएम नेता हरिंदर सिंह लखोवाल ने कहा कि कुछ किसान सोमवार शाम को ही प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए थे। लखोवाल ने कहा, ‘हम केंद्र और पंजाब सरकार पर अपनी मांगें मानने का दबाव बनाने के लिए यहां आए हैं।’
प्रदर्शन की तैयारी
प्रदर्शन को देखते हुए अधिकारियों ने पूर्व मार्ग पर फैदान बैरियर से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले रास्ते पर वाहनों का रास्ता बदल दिया। लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
मुख्य मांगें
किसानों की मुख्य मांगों में कृषि उत्पादों के लिए 'सी2 प्लस 50 प्रतिशत' फार्मूले के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करना और किसानों-खेतिहर मजदूरों का कर्ज माफ करना शामिल है। किसान अमेरिका से होने वाले व्यापार समझौते का भी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह खेती और देश हित के खिलाफ है। इसके अलावा प्रस्तावित विद्युत संशोधन विधेयक, 2025 को वापस लेने की मांग है। उनका आरोप है कि इससे बिजली क्षेत्र का पूरी तरह से निजीकरण हो जाएगा। प्रस्तावित बीज विधेयक, 2025 को वापस लेने की भी मांग हो रही है। बांध सुरक्षा अधिनियम रद्द करने की भी मांग की गई है।


