DA Image
31 मार्च, 2021|9:21|IST

अगली स्टोरी

LIVE: कृषि कानूनों पर किसानों के हल्ला बोल के बीच अमित शाह से मिलने पहुंचे नरेंद्र तोमर

amit shah

1 / 3Amit Shah

2 / 3किसान नेता

3 / 3कानूनों को रद्द किए जाने की मांग पर अड़े किसान

PreviousNext

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज (बुधवार) 14वां दिन है। सरकार ने आज सिंघु बॉर्डर पर किसानों को पहली बार लिखित प्रस्ताव भेजा, जिस पर चर्चा करने के बाद किसान नेताओं ने उसे खारिज कर दिया। किसानों ने ऐलान किया है कि आंदोलन अब और तेज होगा। किसानों ने बीजेपी दफ्तरों, नेताओं का घेराव करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि हम 12 दिसंबर को दिल्ली-आगरा और दिल्ली-जयपुर हाईवे को ब्लॉक करेंगे। इससे पहले, मंगलवार को 13 किसान नेताओं की गृहमंत्री अमित शाह के साथ चार घंटे तक बातचीत चली थी, लेकिन उसमें भी कोई हल नहीं निकल सका था। बैठक के बाद, अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हनन मुल्ला ने कहा था कि बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला। 

LIVE UPDATES

- कृषि कानूनों पर किसानों के हल्ला बोल के बीच अमित शाह से मिलने उनके आवास पहुंचे कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर

- किसान नेताओं ने कहा कि जियो के जितने में प्रोडक्ट्स और मॉल हैं, उनका बहिष्कार करेंगे। पूरे देश में प्रदर्शन जारी रहेंगे। 14 दिसंबर को धरना देंगे। जयपुर और दिल्ली हाईवे को 12 तारीख तक रोक देंगे। आडानी और अंबानी के टोल प्लाज। बीजेपी के नेताओं का घेराव करेंगे।

- किसान नेताओं ने सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। साथ ही आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

सिंघु बॉर्डर पर डटे किसान नेता कंवलप्रीत सिंह पन्नू ने कहा है कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द किया जाना चाहिए। यह हमारी मांग है। प्रस्ताव में सिर्फ संशोधन की बात है तो फिर हम उसे खारिज कर देंगे।

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष, मंजीत सिंह ने कहा कि हम प्रस्ताव को पढ़ेंगे, फिर इस पर चर्चा के बाद कोई फैसला लिया जाएगा। प्रस्ताव लगभग 20 पन्नों का है।

-सरकार की ओर से किसानों को कृषि कानून को लेकर प्रस्ताव सौंपा गया है। सरकार का मसौदा हाथ में आने पर BKU राज्य अध्यक्ष ने कहा कि हम भारत सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करने जा रहे हैं। उसके बाद आगे की बात होगी।

- आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा कि आज देश का किसान केंद्र सरकार से मांग कर रहा है कि इस कानून को वापस लो। बीजेपी को ऐसा कौन-सा रहस्यमयी फायदा इन 3 कृषि कानूनों से होने जा रहा है जिसके बारे में एक भी किसान नहीं समझ पा रहा लेकिन पूरी बीजेपी समझ रही है। बीजेपी को इसे अहंकार की लड़ाई नहीं बनाना चाहिए।

-उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मोदी जी के रहते किसानों का अहित नहीं हो सकता। विरोधी दलों को अगर मोदी जी और भाजपा का विरोध करना है तो मुद्दे पर आएं। किसान के कंधे पर बंदूक रखने की कोशिश न करें। 

-भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान वापस नहीं जाएगा, अब किसान के मान-सम्मान का सवाल है। सरकार कानून वापस नहीं लेगी, तानाशाही होगी? अगर सरकार हठधर्मी पर है तो किसान की भी हठ है। ये पूरे देश के किसानों का सवाल है।

-अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हनन मुल्ला ने कहा कि कल बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला। सरकार आज सुबह 11 बजे तक प्रस्ताव लिखकर भेजेगी, 12 बजे सिंघु बॉर्डर पर हमारी बैठक है। सरकार ने 10 दिसंबर को बैठक के लिए बोला है, अगर प्रस्ताव के बाद कुछ सकारात्मक निकल कर आता है तो कल बैठक हो सकती है।

-शिरोमणि अकाली दल (SAD) के कार्यकर्ता गुरशरण सिंह ने कहा "हमने पंजाब के अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन में शामिल होने और इसे और मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित करना शुरू किया है। हम स्थानीय युवाओं और हमारे प्रवासी भारतीयों की मदद से ऐसा कर रहे हैं। "

-पंजाब के शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता आज केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे किसानों को दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पेट्रोल पंप पर मुफ्त डीजल मुहैया करा रहे हैं।

-भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हम केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए मसौदे पर एक बैठक करेंगे। वह बैठक (सरकार के साथ 6 वें दौर की वार्ता) रद्द कर दी गई है। ड्राफ्ट पर चर्चा की जाएगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। हमें उम्मीद है कि आज शाम 4-5 बजे तक चीजें स्पष्ट हो जाएंगी।

-कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "ये कानून रद्द करने होंगे, ये किसानों के खिलाफ हैं।"

 

-किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब के सुखविंदर सिंह सभरा ने कहा कि सरकार इस समय हड़बड़ाहट में है, कल शाम बुलाई गई बैठक बेफायदा थी। प्रस्ताव भेजना था तो 6 या 7 दिसंबर को भेजते। अगर प्रस्ताव में संशोधन की बात आती है तो उससे बात नहीं बनेगी।

 

-दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर दोपहर 12 बजे किसान संगठनों की बैठक होगी.. किसान नेता हनन मुल्ला ने कहा है कि कृषि कानूनों को निरस्त करना होगा और इसके अलावा बीच का कोई रास्ता नहीं है।

- किसानों के प्रदर्शन की वजह से आज भी कई रास्ते बंद है, कुछ जगहों पर ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया गया है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। इसके मुताबिक, आज सिंघु बार्डर, औचंदी बॉर्डर, पियाओ मनियारी बॉर्डर और मंगेश बॉर्डर यातायात के लिए पूरी तरह बंद है। एनएच-44 भी दोनों तरफ से बंद रहेगा. जो लोग इन इलाकों से गुजरने वाले हैं इन्हें वैकल्पिक रास्तों से आने जाने की सलाह दी गई है।

 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:farmers protest delhi live updates 9 december 2020 against new farm laws agriculture bill 2020 by narendra modi government