विन्ध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों का प्रदर्शन

हिन्दुस्तान, सोनभद्र
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सोनभद्र में किसान और ग्रामीणों ने विंध्य एक्सप्रेसवे के खिलाफ प्रदर्शन किया। वे अपनी ज़मीन बचाने की मांग कर रहे थे। आंदोलन में शामिल किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार और जिला प्रशासन उनकी भूमि को बड़े कॉर्पोरेट के हाथों में सौंपने के इरादे से कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने पर्यावरण सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।

विन्ध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों का प्रदर्शन

सोनभद्र, संवाददाता। चतरा ब्लॉक क्षेत्र के चिंतावनपुर, खुज्झा और संडी में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में रविवार को किसानों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी जमीन बचाने की मांग उठाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रभावित किसान शामिल हुए और परियोजना के विरोध में आवाज बुलंद की। इस दौरान गुप्त काशी के नायक एवं पर्यावरण प्रहरी रवि प्रकाश चौबे किसानों के बीच पहुंचे और उनके आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और जिला प्रशासन की मिलीभगत से किसानों का शोषण किया जा रहा है। कहा कि एक्सप्रेसवे से किसानों को लाभ के बजाय बड़ी कंपनियों को फायदा होने की आशंका है।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री एक पेड़ मां के नाम अभियान के जरिए पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोनभद्र में हजारों पेड़ों की कटाई की बात सामने आ रही है। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि उनका संगठन किसानों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि जनपद की जल, जंगल और जमीन, आदिवासी समुदायों तथा किसानों के अधिकारों की लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रहेगी। उन्होंने आशंका जताई कि एक्सप्रेसवे और औद्योगिक परियोजनाओं से उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होने के साथ पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ सकता है। किसान विमलेश पटेल ने कहा जान दे देंगे, लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे। जमीन हमारे लिए मां के समान है और कोई अपनी मां को नहीं बेचता। किसान गुलाब ओझा ने आरोप लगाया कि सरकार और जिला प्रशासन किसानों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। वहीं नीरज पटेल ने कहा कि उनकी जान चली जाए, लेकिन उपजाऊ कृषि भूमि पर कॉरपोरेट परियोजनाएं और एक्सप्रेसवे नहीं बनने दिया जाएगा, क्योंकि यही जमीन उनके परिवारों की आजीविका का आधार है। इस मौके पर जनार्दन शुक्ला, चेतन ओझा सहित दर्जनों किसानों ने एकजुट होकर अपनी जमीन बचाने की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।

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