नई टिहरी में मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में किसान सभा का प्रदर्शन

हिन्दुस्तान, देहरादून
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नई टिहरी में जिला काउंसिल उत्तराखंड किसान सभा ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते का विरोध किया। किसान सभा ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा, जिसमें बताया गया कि यह समझौता किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकता है। संगठन ने सरकार से आवश्यक निर्देश देने की अपील की।

नई टिहरी में मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में किसान सभा का प्रदर्शन
नई टिहरी में मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में किसान सभा का प्रदर्शन

नई टिहरी। जिला काउंसिल उत्तराखंड किसान सभा टिहरी ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर चिंता जताते हुए राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा। इस मौके पर किसान सभा ने कलक्ट्रेट में समझौते के विरोध में प्रदर्शन भी किया और आशंका व्यक्त की कि इस समझौते से देश के किसानों, कृषि अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बुधवार को किसान सभा के पदाधिकारी कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। जहां उन्होंने अमेरिका के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते का कड़ा विरोध जताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद पदाधिकारियों ने डीएम टिहरी नितिका खंडेलवाल के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया कि पहले से ही देश के किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में कृषि क्षेत्र को मुक्त व्यापार समझौते के दायरे में लाना छोटे और सीमांत किसानों के हितों के विपरीत होगा। किसान सभा का कहना है कि भारत में अधिकांश किसान छोटे जोत वाले हैं और उनकी आय पहले से ही सीमित है। ऐसे में विदेशी कृषि उत्पादों से प्रतिस्पर्धा करना उनके लिए मुश्किल होगा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि देश में किसानों की औसत जोत लगभग 2.67 एकड़ है और बड़ी संख्या में किसान सीमांत श्रेणी में आते हैं। यदि कृषि क्षेत्र को विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए खोल दिया गया तो किसानों की आय पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और खाद्य सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। किसान सभा ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि भारत सरकार को इस विषय में आवश्यक निर्देश दिए जाएं। संगठन ने मांग की है कि कृषि विरोधी बताए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते को किसानों के हित में लागू न किया जाए। साथ ही स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप किसानों को फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सी-2 लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर कानूनी गारंटी के साथ सुनिश्चित किया जाए। इस मौके पर किसान सभा के संयुक्त सचिव भगवान सिंह राणा, जिला सचिव कृपाल सिंह कठैत, जिला कोषाध्यक्ष सफर सिंह नेगी, जिला सचिव सीटू चिंतामणि थपलियाल, जिला उपाध्यक्ष गुलाब सिंह कठैत, जिला काउंसिल सदस्य कृष्णा कठैत, मंगल सिंह कठैत आदि मौजूद रहे।

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