किसानों के मुद्दों पर भाकियू का प्रदर्शन, 20 जुलाई से दिल्ली कूच की तैयारी
कन्नौज में भारतीय किसान यूनियन (चौधरी हरपाल गुट) ने किसानों की समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए ज्ञापन सौंपा। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो किसान 20 जुलाई को दिल्ली में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

कन्नौज। किसानों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चौधरी हरपाल गुट) ने बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। संगठन के पदाधिकारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार का ध्यान किसानों से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित करते हुए प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
किसानों की मांगें
साथ ही चेतावनी दी कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसान 20 जुलाई को दिल्ली स्थित किसान घाट पर बड़े आंदोलन में शामिल होंगे। प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने कहा कि किसान लंबे समय से राजस्व, सिंचाई, सड़क और कृषि से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि कृषि लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार को किसानों को राहत देने के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए।
भूमि संबंधी समस्याएं
ज्ञापन में किसानों की भूमि संबंधी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण, खतौनी में त्रुटियों के सुधार और खाद वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की गई। संगठन का कहना था कि मौजूदा व्यवस्था के कारण किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसान यूनियन ने आलू उत्पादकों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। संगठन ने कहा कि बाजार में उचित दाम न मिलने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को सहायता पैकेज घोषित कर किसानों को राहत देनी चाहिए। साथ ही शीतगृहों में भंडारित आलू पर लगने वाले खर्च को कम करने की भी मांग की गई।
क्षेत्रीय समस्याएं
क्षेत्रीय समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए यूनियन ने जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण, अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग रखी। संगठन ने कहा कि विकास कार्यों में देरी का खामियाजा आम लोगों और किसानों दोनों को भुगतना पड़ रहा है। मंडल अध्यक्ष शिवशंकर शुक्ला ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन समाधान की गति बेहद धीमी है। यदि सरकार और प्रशासन ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो किसान आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष वीरभान सिंह, जिला उपाध्यक्ष हरगोविंद सिंह, बलवीर सिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।


