खाद-बीज की कालाबाजारी के खिलाफ प्रखंड कार्यालय पर प्रदर्शन
चक्रधरपुर में आदिवासी किसान मजदूर पार्टी ने खाद-बीज की कालाबाजारी और किसानों की समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि किसानों को सरकारी दर से अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने मांग की कि टास्क फोर्स का गठन कर खाद की बिक्री की जांच की जाए और सिंचाई सुविधाएं बढ़ाई जाएं।

चक्रधरपुर। खाद-बीज की कथित कालाबाजारी और किसानों की समस्याओं को लेकर आदिवासी किसान मजदूर पार्टी ने सोमवार को चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी के नाम आवेदन प्रखंड विकास पदाधिकारी चक्रधरपुर को सौंपा। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा ने आरोप लगाया कि खेती के मौजूदा सीजन में किसानों को सरकारी निर्धारित दर से काफी अधिक कीमत पर खाद खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा यूरिया की कीमत 266 रुपये प्रति बोरा निर्धारित होने के बावजूद किसानों को 500 से 600 रुपये तक भुगतान करना पड़ रहा है।
इसी तरह डीएपी की निर्धारित कीमत 1,350 के बजाय 2,200 से 2,300 रुपये प्रति बोरा तक वसूले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि खाद की यह कथित कालाबाजारी सरकार की नाक के नीचे खुले तौर पर हो रही है, लेकिन इस पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी पिछले करीब एक महीने से इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रही है। सोमवार को अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष धरना देने का कार्यक्रम था, लेकिन धरनास्थल उपलब्ध नहीं होने की बात कहे जाने के बाद एसडीओ के नाम ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा गया। पार्टी ने मांग की है कि प्रखंड स्तर पर टास्क फोर्स का गठन कर खाद-बीज की बिक्री की जांच कराई जाए। साथ ही सरकारी लाइसेंसी दुकानों से किसानों को बेची गई खाद की रसीदों की जांच कर निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने वाले दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने किसानों के लिए सिंचाई सुविधा बढ़ाने की भी मांग उठाई। ज्ञापन में नदी-नालों के पानी को श्रृंखलाबद्ध चेकडैम के माध्यम से खेतों तक पहुंचाने की मांग की गई है, ताकि किसान सालभर खेती कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि खाद-बीज की कथित कालाबाजारी की जांच और किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आदिवासी किसान मजदूर पार्टी की ओर से पूरे कोल्हान बंद का आह्वान किया जाएगा। मौके पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।


