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Hindi News देशयात्रियों के लिए जरूरी खबर, किसानों का दिल्ली कूच टलने से खुलने लगे कुंडली-टिकरी बॉर्डर; लेटेस्ट अपडेट्स

यात्रियों के लिए जरूरी खबर, किसानों का दिल्ली कूच टलने से खुलने लगे कुंडली-टिकरी बॉर्डर; लेटेस्ट अपडेट्स

बताया गया कि राजधानी नई दिल्ली आने और जाने वाले रास्ते को 20-20 फुट तक खोला जाएगा। पुलिस प्रशासन बड़ी-बड़ी मशीनों से कंक्रीट के बैरिकेड और लोहे के कंटेनर को उठाकर साइड में रख रहा है।

यात्रियों के लिए जरूरी खबर, किसानों का दिल्ली कूच टलने से खुलने लगे कुंडली-टिकरी बॉर्डर; लेटेस्ट अपडेट्स
Niteesh Kumarमोनी देवी, लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 24 Feb 2024 08:12 PM
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किसानों का दिल्ली कूच 29 फरवरी तक टालने के बाद कुंडली और टिकरी बॉर्डर खुलने लगे हैं। यहां से पुलिस ने बैरिकेड हटाने शुरू कर दिए हैं। कंक्रीट की दीवार भी तोड़ी जा रही है। दिल्ली आने और जाने वाले रास्ते को 20-20 फुट खोला जाएगा। पुलिस प्रशासन बड़ी-बड़ी मशीनों से कंक्रीट के बैरिकेड और लोहे के कंटेनर को उठाकर साइड में रख रहा है। इससे दिल्ली आने-जाने वालों को काफी राहत मिलेगी। संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) और किसान मजदूर मोर्चा शहीद शुभकरण सिंह और अन्य तीन शहीद किसानों की स्मृति में कैंडल मार्च आज शाम निकालेगा। 25 फरवरी को शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों को जागरूक किया जाएगा।

दाता सिंहवाला बॉर्डर पर किसानों के दिल्‍ली कूच के दौरान हुई हिंसा में मारे गए किसान शुभकरण का 3 दिन बाद भी पोस्‍टमार्टम नहीं हो सका। शुभकरण का शव ​पटियाला के सरकारी रजिंदर अस्‍पताल की मोर्चरी में रखा गया है। इसे पुलिस ने छावनी में तबदील करते हुए मार्चरी के दोनों रास्तों पर पुलिस तैनात करने के साथ-साथ बैरिकेडिंग भी कर दी है। एसपी सिटी सरफराज आलम ने कहा कि उच्च अधिकारियों के आदेशों पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी। शुभकरण की मौत के बाद किसानों ने ऐलान किया कि जब तक हत्‍यारों को सजा नहीं दी जाएगी, तब तक अंतिम संस्‍कार नहीं किया जाएगा। हालांकि, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक दिन पहले ही मृतक किसान के परिवार को 1 करोड़ की वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया था। साथ ही शुभकरण की छोटी बहन को सरकारी नौकरी देने का भी फैसला सुनाया। 

किसान के बेटे को अवैध हिरासत में रखने का आरोप
इस बीच, एक पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उसके बेटे को हरियाणा पुलिस ने अवैध हिरासत में रखा हुआ है। किसान आंदोलन के दौरान प्रदर्शन करते हुए बेटे को पुलिसकर्मी उठाकर ले गए। इस याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर हरियाणा पुलिस से जवाब मांगा है। पिता की याचिका में कहा गया कि 21 फरवरी को बेटा शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुआ था। हरियाणा पुलिस ने पंजाब की सीमा में दाखिल होकर उसके बेटे को उठा लिया। उन्हें बाद में पता चला कि बेटे को पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया है क्योंकि उसे चोट लगी है, लेकिन वहां से भी कोई संपर्क नहीं हो रहा है। 

पुलिस नहीं दे रही कोई जवाब, याचिका में दावा
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 3 दिन गुजर जाने के बाद भी बेटा नहीं मिला और पुलिस भी कोई जवाब नहीं दे रही है। याचिका पर जस्टिस हरकेश मनुजा ने हरियाणा पुलिस और पीजीआई प्रशासन को नोटिस जारी कर सुनवाई 26 फरवरी के लिए तय की है। इसके साथ ही कोर्ट ने वारंट अधिकारी को नियुक्त करते हुए रोहतक पुलिस के एसपी को सहयोग करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने वारंट अधिकारी को कहा कि बंदी का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाए। याचिका में यह भी मांग की गई है कि अगर बेटा अस्पताल में भर्ती है तो उसे पीजीआई चंडीगढ़ या फिर पटियाला स्थित राजिंदर अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। 
 
किसानों के समर्थन में आए बजरंग पूनिया 
दिल्ली कूच के दौरान किसान युवा किसान की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने को लेकर ओलंपियन पहलवान बजरंग पूनिया ने सोशल मीडिया पर ट्वीट किया है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करके कहा कि किसानों के साथ बर्बरता किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए सही नहीं है। 21 फरवरी को एक नौजवान किसान शहीद हो चुका है और दूसरा गंभीर है। हरियाणा-पंजाब की सीमा पर स्थित दाता सिंहवाला बॉर्डर से दिल्ली कूच के दौरान युवा किसान शुभकरण की मौत हो गई थी और प्रीतपाल सिंह घायल हुए थे।

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